दारुल उलूम देवबंद आने पर किसी के लिए कोई रोक नहीं, मुफ़्ती अबुल क़ासिम नोमानी की सफाई, लेकिन….

November 7, 2021 by No Comments

ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी को दारुल उलूम देवबंद में जाने की इजाजत न मिलने पर सोशल मीडिया में बाहर जारी है इसी बीच मदरसे के मोहतमिम हजरत मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने सफाई पेश की है उन्होंने कहा कि दारुल उलूम देवबंद का दरवाजा हमेशा सभी के लिए खुले हैं जिसका जी चाहे आए और जब चाहे यहां आ सकता है।

लेकिन उन्होंने कहा मदरसे की पॉलिसी के तहत इलेक्शन के दौर में राजनीतिक नेताओं को यहां आने की इजाजत नहीं होती है ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के दारुल उलूम देवबंद आने के सिलसिले में भी उन्होंने बात की उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा हाल ही में असदुद्दीन ओवैसी सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के दौरे पर आए थे और उन्होंने यहां पर रैली भी की और भाषण भी दिया था।

उन्होंने कहा इस तरह मुल्क के दूसरे नेता का भी यूपी में राजनीतिक दौरा शुरू हो गया है इस सिलसिले में हमारी पिछली स्थिति स्पष्ट है की इलेक्शन के दौर में मदरसे में राजनीतिक नेताओं की आने की इजाजत नहीं है उसी के तहत असदुद्दीन ओवैसी के आने के बारे में बात करने आए लोगों के सामने भी मदरसा के कानून के बारे में बताया गया सोशल मीडिया पर जारी बहस के बारे में उन्होंने साफ तौर पर कहा इस वक्त उत्तर प्रदेश में राजनीति माहौल शुरू हो गया है और इलेक्शन के करीब आते ही राजनीतिक पार्टियां के नेता आसपास के इलाके में आने शुरू हो गए हैं इसलिए राजनीतिक नेताओं का मदरसे में स्वागत नहीं किया जा सकता ।

मौलाना कासिम नोमानी का कहना था कि दारुल उलूम देवबंद के दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले हैं जिसका दिल चाहे आ सकता है लेकिन इलेक्शन के वक्त में दारुल उलूम देवबंद के जिम्मेदार अपनी पुरानी पॉलिसी के तहत राजनीतिक नेताओ से मुलाकात नहीं करते हैं मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी पूरे राज्य में सियासी दौरे पर हैं।

उनके सहारनपुर दौरे के दौरान कुछ लोगों ने उनकी दारुल उलूम देवबंद में आने की और मजार क़ासमी पर फातिहा की इजाजत के सिलसिले में बातचीत करने आए थे जिनके सामने मदरसे की शर्त बता दी गई अब कोई उसको किस तरह पेश करता है यह उसका अपना अमल है उन्होंने कहा कि मज़ार कासमी और दारुल उलूम देवबंद में कोई भी आ सकता है किसी के लिए कोई मना नहीं लेकिन मदरसे के जिम्मेदारान इलेक्शन के दौर में राजनीतिक नेताओ से मुलाकात नहीं करते हैं आपको बता दें मदरसे की तरफ से इससे पहले भी इस सिलसिले में बयान जारी किए जा चुके हैं और कई लोगों से मुलाकात करने से इनकार भी किया जा चुका है।

 

 

 

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