बाहुबली नेता शहाबुद्दीन की मौ’त पर ओवैसी ने दिया ये बयान, राजनीतिक पार्टियों में मचा ह’ड़कंप…

May 6, 2021 by No Comments

राष्ट्रीय जनता दल के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के कोरोना से हुए नि’धन के बाद बिहार में सियासत काफी गर्म आई हुई है। माना जा रहा है कि मोहम्मद शहाबुद्दीन के जाने के साथ-साथ राजद और उनके परिवार में दूरियां बढ़नी शुरू हो गई हैं।

इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने सीधे तौर पर राजद नेता और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव को चेतावनी दे डाली है। शहाबुद्दीन की मौ’त के फौरन बाद ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की सत्ताधारी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने भी इस पर सवाल उठाए थे।

जिसके बाद अब राजद के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने भी सरकार पर कई तरह के आरोप लगा दिए हैं। बताया जाता है कि इस कड़ी में अब ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी का नाम भी जुड़ गया है।

एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शहाबुद्दीन की मौ’त पर एक के बाद एक लगातार दो ट्वीट किए हैं। इस ट्वीट में ओवैसी ने लिखा है कि ‘मर’हूम शहाबुद्दीन साहब के घर वाले उनकी तदफ़ीन सिवान में करना चाहते हैं। अधिकारी इसकी इजाजत नहीं दे रहे हैं और उनकी म’य्यत को घरवालों के हवाले नहीं कर रहे हैं।

शहाबुद्दीन का ठीक से इलाज नहीं हुआ था। उन्हें एक COVID-19 के म’रीज के साथ रखा गया था।’ इसी के बाद ओवैसी ने दूसरा ट्वीट किया और लिखा ‘कम से कम उनके गमजदा घर वालों को उनके आखिरी रूसूमात उनके हिसाब से करने से तो नहीं रोका जाना चाहिए। जाहिर सी बात है कि वो COVID-19 के तमाम एहतियाती तदाबीर पर अमल करेंगे।’

आपको बता दें कि समस्तीपुर के विधायक और राजद नेता अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के नि’धन को लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन और दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल प्रशासन पर गं’भीर आ’रोप लगाए हैं। इस संदर्भ में उन्होंने एक वीडियो जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि एक सा’जिश के तहत शहाबुद्दीन की ह’त्या की गई है। उन्होंने जेल प्रशासन को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं।

राजद नेता का कहना है कि जब तिहाड़ जेल के से’परेट वार्ड में थे तब वहां को’रोना कैसे पहुंचा। उन्होंने कहा कि जब शहाबुद्दीन को’रोना से सं’क्रमि’त हो भी गए तब उनका इ’लाज बेहतर अ’स्पताल में कराया जाना चाहिए था। इसकी बजाए शहाबुद्दीन को दीनदयाल अस्पताल जैसे हॉस्पिटल में ही क्यों भर्ती कराया गया। उनका इलाज एम्स या किसी अन्य बड़े अस्पताल में क्यों नहीं करवाया गया।

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