मुम्बई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सन 2006 में अपनी पार्टी बनाई. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे जब बनी थी तब राज ठाकरे से लोगों को उम्मीदें थीं कि ये शिवसेना का बड़ा वोट बैंक अपने पाले में कर ले जाएँगे. राज ठाकरे ने पार्टी बनाते समय बड़े दावे भी किए थे और ऐसा भी नहीं कि उनकी बातों को मीडिया ने कवरेज नहीं दी.

राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने शुरू में जो जोश दिखाया उसका नतीजा रहा कि पार्टी को 2009 के विधानसभा चुनाव में 13 सीटें मिलीं. ऐसी उम्मीद थी कि राज पार्टी का विस्तार करेंगे लेकिन वो ऐसा नहीं कर सके. वैचारिक तौर पर कट्टर-दक्षिणपंथी मानी जाने वाली ये पार्टी कभी किसी मुद्दे पर टिक कर अभियान नहीं चला सकी. यही वजह है कि 2014 विधानसभा चुनाव में पार्टी को महज़ एक सीट मिली और कुछ यही हाल 2019 में भी रहा.

राज की पार्टी विधानसभा में एक सीट वाली पार्टी बन कर रह गई है. 2019 में मनसे ने विधानसभा की 288 में से 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन उसे महज़ एक सीट मिल सकी. वहीं बहुजन विकास अघाड़ी ने 31 सीटों पर चुनाव लड़कर 3 में जीत हासिल की, AIMIM ने 44 सीटों पर लड़कर 2 सीटें जीतीं और समाजवादी पार्टी ने महज़ 7 सीटों पर चुनाव लड़कर 2 सीटें जीत लीं. वहीं प्रहार जनशक्ति पार्टी ने 26 सीटों पर लड़कर 2 सीटें जीतीं.

कहने का अर्थ है कि मनसे ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा इसका मतलब है कि इन जगहों पर मनसे का कुछ तो संगठन है ही लेकिन कोई सटीक रणनीति न होना पार्टी के लिए समस्या बना हुआ है. राज ठाकरे के आलोचक मानते हैं कि 2006 से लेकर अब तक राज ठाकरे अभी तक कोई भी प्लान अपने कार्यकर्ताओं को ऐसा नहीं दे सके हैं जिस पर वो परमानेंट चलें.

कभी वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक हो जाते हैं तो कभी विरोधी. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने हाल ही में राज ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा कि राज ठाकरे तीन से चार महीने सोए रहते हैं और अचानक भाषण देने के लिए जाग जाते हैं. यह उनकी ख़ासियत है. मुझे नहीं पता कि वह इतने महीनों तक क्या करते हैं.

BMC चुनाव से पहले राज ठाकरे ने फिर से सक्रियता बढ़ाने की कोशिश में एक ऐसा एलान कर दिया जो विवादों में आ गया है. उन्होंने कहा कि मस्जिदों पे लगे लाउडस्पीकर हटाए जाएँ और अगर नहीं हटेंगे तो वो मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ लाउडस्पीकर लगा कर करवाएँगे. मनसे के कई कार्यालयों में हनुमान चालीसा का पाठ लाउडस्पीकर से चलाया जाने लगा.

मस्जिदों के ठीक सामने हनुमान चालीसा का पाठ चलाने को लेकर राज ठाकरे की आलोचना उनके विरोधी ही नहीं बल्कि उनकी पार्टी के लोग भी करने लगे. राज ठाकरे के इस बयान के बाद मनसे के दो मुस्लिम नेताओं ने पार्टी छोड़ दी. मनसे की वाहटुक सेना के उपाध्यक्ष शाबाज़ पंजाबी और एक अन्य शाखा अध्यक्ष मजीद शेख़ ने पार्टी की इस नीति के ख़िलाफ़ इस्तीफा दे दिया.

वहीं मनसे के पुणे शहर उपाध्यक्ष वसंत मोरे ने पार्टी के इस निर्देश को मानने से इनकार कर दिया. मोरे ने कहा कि उन्हें मुस्लिम समुदाय के लोग भी वोट करते हैं, ऐसे में वो इस आदेश का पालन नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि वो मनसे या राज ठाकरे से नाराज़ नहीं हैं लेकिन अब इसके बाद वो पार्टी में क्या रोल प्ले करें उन्हें समझ नहीं आ रहा है.