लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अपने पूरे शबाब पर है. सभी पार्टियाँ प्रचार में लगी हैं और ज़्यादा से ज़्यादा सीटें जीतने की कोशिश में हैं. हर पार्टी अपने समीकरणों को देखकर ही चुनावी मैदान में उतर रही है. ऐसे में किसको कहाँ से लड़ाना है इसके लिए भी उस व्यक्ति के हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है.

प्रदेश की राजनीति में बड़ा ज़ोर रखने वाली मुस्लिम कम्युनिटी को भी अपने पाले में करने की कोशिश कई दल कर रहे हैं. ऐसे में कई मुस्लिम नेताओं को भी पार्टियों ने अपना उम्मीदवार बनाया है. हम जानने की कोशिश करते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किस दल ने कितने मुस्लिम नेताओं को टिकट दिया है.

उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती की पार्टी बसपा ने पश्चिमी यूपी की 136 में से 109 सीटों पर अब तक प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं. इसमें पहले फेज की 58 और दूसरे फेज की 51 सीटें शामिल हैं. इनमें से 38 प्रत्याशी मुस्लिम समाज के हैं. इस तरह देखें तो बसपा ने 109 में से करीब 35 फीसदी टिकट मुस्लिम समाज को दिया है.

वहीं अगर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी की बात करें तो उसने अबतक पश्चिमी यूपी की 136 में से 131 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम अबतक घोषित कर दिए हैं. इस बार समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. सपा-आरएलडी के गठबंधन ने 32 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं. इसमें समाजवादी पार्टी के टिकट पर 27 और आरएलडी के टिकट पर 5 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. यानी कि सपा ने 131 में से करीब 24 फीसदी मुसलमानों को टिकट दिए हैं.

अब अगर इससे पहले 2017 में हुए विधानसभा चुनाव की बात करें तो, उस चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था. इस गठबंधन ने उस चुनाव में पश्चिम उत्तर प्रदेश की 136 में से 43 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे थे. इनमें से 33 उम्मीदवार समाजवादी पार्टी के टिकट पर और 10 कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में थे.

इस तरह से सपा-कांग्रेस के गठबंधन ने करीब 32 फीसदी मुसलमानों को टिकट दिए थे. वहीं अगर बीएसपी की बात करें तो उसने 2017 के चुनाव में 136 में से 51 टिकट मुसलमानों को दिए थे, यानी की करीब 38 फीसदी टिकट मुस्लिमों को दिए गए थे.