कोरो’नावाय’रस की इस महामा’री से लोगों को बचाने के लिए जारी किया गया लॉ’क डा’उन अब कुछ लोगों के लिए परे’शानियों का पहा’ड़ बन रहा है। ऐसे परे’शानियों भरे माहौल में गुरुवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बीजेपी के उप्पर फिर से एक बार नि’शाना साधा। उन्होने ट्वीट में लिखा कि उत्तर प्रदेश में कोरो’नावाय’रस से जुड़ी हज़ारों FIR हो रही है। जिससे अब ऐसा लग रहा है जेसे ये कोई चि’कित्सीय नहीं बल्कि कोई आपरा’धिक सम’स्या है।

उनका कहना है कि यहां मौजूद क्वारेंटा’इन सेंटर्स की हा’लत बु’री है और लोगों के साथ भाजपा सरकार की भेद’भाव’पूर्ण नी’ति की वजह से लोग यहां जाने से ड’र रहे है। उन्होंने कहा कि “भाजपाई अपना संकी’र्ण च’श्मा ब’दलें!” इससे पहले भी अखिलेश ने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा कि “दिन – रात श्रमि’कों और मज’दूरों की द’र्द नाक कहानियों को सुन कर दिल देहे’ल जाता है। रोज़ाना ही श्रमि’कों और मज’दूरों के हा’दसों में जा’न गवा’ने की खबर सामने अा रही है। इस सबसे उदासीन भाजपा सरकार ने सभी मानवीय मूल्यों को रौं’द दिया है।”

अखिलेश ने कहा कि जब सरकारी, निजी और स्कूलों की पचासों हजार बसों पर खड़े खड़े धूल जमा हो रही है तो सरकार उन बसों को श्र’मिकों और मजदूरों को घर पहुंचाने के कार्य में इस्तमाल क्यों नहीं कर रही है? सरकार की हठ’धर्मि’ता बहुत भारी पड़ रही है। इसके बाद अखिलेश ने बिना किसी का नाम लिए कहा “जो मद’द को हाथ बढ़ते हैं, उनको झट’क देने का अमान’वीय बर्ता’व भाजपा का आचरण बन गया है। यह भाजपा सरकार की नौटंकी नहीं तो क्या है कि वह बहाने बनाकर श्र’मिकों के घर पहुंचने में अवरो’धक बन रही है। भू’खे-प्या’से श्रमि’क, महिलाएं, बच्चे भ’यंकर गर्मी में नारकीय यातना भोग रहे हैं।”

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