मुंबई: अज़ान और हनुमान चालीसा से जुड़ा लाउडस्पीकर विवाद किस लिए है ये तो आम जनता समझ रही है. हि’न्दू और मु’स्लिम में फ़र्क करने वाली सोच ही इस तरह के विवाद को जन्म देती है. विवाद जब बढ़ता है तो राजनीतिक दल इसमें अपनी रोटियां सेंकते हैं. आजकल कुछ इस तरह की बयार भी है कि इससे बड़े फ़ायदे राजनीतिक तौर पर हो सकते हैं.

अब इस विवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रामदास अठावले ने बड़ा बयान दिया है. लाउडस्पीकर विवाद पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि, राज ठाकरे ने जो लाउडस्पीकर ह’टाने की बात कही है हम उसका समर्थन नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान का मूल है कि सभी धर्मों का समान अधिकार हो इसलिए हमारी पार्टी के कार्यकर्ता 3 मई से मस्जिदों की सुरक्षा करेंगे.

आपको बता दें कि इस विवाद के बाद देशद्रोह के आरोप में सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा जेल में बंद हैं. रामदास अठावले ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि दंपत्ति के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है वो गलत है. उन्होंने कहा कि, अगर मुख्यमंत्री आवास के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की बात कर रही थीं तो वह एक तरह से प्रदर्शन था उनको रोका जाना चाहिए था.

हालाँकि वो आगे कहते हैं कि ..लेकिन उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया जो बिल्कुल उचित नहीं है. रामदास अठावले ने साफ शब्दों में कहा कि ये मामला रद्द होना चाहिए. रामदास ने ये भी कहा कि, नवनीत राणा बीजेपी के करीब जरूर है लेकिन उनको बीजेपी का किसी तरह का समर्थन नहीं है क्योंकि वह खुद निर्दलीय सांसद है और उनके पति विधायक हैं.

वो कहते हैं कि हमारे देश में मुस्लि’म समुदा’य के लोगों को भी अजान और नमाज का अधिकार है तो हिंदू समु’दाय के लोगों को भी पूजा पाठ करने का अधिकार होना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि, देवेंद्र फडणवीस बीजेपी के नेता हैं और उनका इस विवाद से कोई लेना देना नहीं है. आपको बता दें कि महाराष्ट्र में ये विवाद मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने शुरू किया था.

राज ठाकरे ने लाउडस्पीकर से होने वाली अज़ान पर आपत्ति जताई. इतना ही नहीं उन्होंने ध’मकी भी दी कि अगर मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटे तो वो मस्जिदों के पास हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. BMC चुनाव से पहले अपनी पार्टी को ऊर्जा देने की कोशिश में लगे राज ठाकरे के इस स्टैंड का उनके ही दल के कई नेताओं ने विरोध किया.

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) चीफ राज ठाकरे ने तीन मई से पहले मस्जिदों के ऊपर से लाउडस्पीकर हटाने की मांग की है। वह मस्जिदों के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात भी कहते रहे हैं। उधर, निर्दलीय सांसद रवि राणा और उनकी पत्नी नवनीत राणा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के चक्कर में हवालात पहुंच चुकी हैं।

ऐसे में हनुमान चालीसा को तमाम मौकों पर गा चुके, इसकी रिकॉर्डिंग करवा चुके लोकप्रिय गायक सुरेश वाडेकर ने अजान के विरोध को ठीक नहीं बताया है। गायक सुरेश वाडेकर हनुमान चालीसा का पाठ रिकार्ड कर चुके हैं। उनकी पढ़ी हनुमान चालीसा रेडियो पर भी काफी सुनी जाती है। वह कहते हैं, ‘हनुमान जी महाबली है। रुद्र के अवतार हैं। वह संकटमोचन हैं। हमारी हर तरह से रक्षा करते हैं। हनुमान चालीसा किसी भी वक्त, कहीं भी पढ़ी जा सकती है।’

सुरेश वाडेकर कहते हैं, ‘मैं ईमानदारी से बोलूं तो इन सब चीजों में न तो मुझे कोई दिलचस्पी है और न ही मैं कोई प्रतिक्रिया देना चाहता हूं। क्योंकि, ये मेरा विषय नही है। पता नही लोग बैठे बैठे क्या सोच कर ऐसा करते हैं, जिसकी वजह से थोड़ी बहुत अशांति हो जाती है। इससे किसी को कुछ हासिल तो होता नहीं है।’

अपने नए म्यूजिक वीडियो ‘मान ले’ की रिलीज के मौके पर मिले सुरेश वाडेकर कहते हैं, ‘इन सब चीजों में आम लोगों की कोई दिलचस्पी नहीं होती है। मैं भी आम इंसान हूं, इसमें मुझे भी कोई दिलचस्पी नहीं है। जो भी हुआ उसकी न कोई जरूरत थी और न ही कोई कारण। हां, इससे सिस्टम जरूर डिस्टर्ब हो जाता है।’

उन्होंने कहा,”अभी दो दिन पहले मैं लता जी के अवार्ड कार्यकम में जा रहा था। मैंने सांताक्रूज पुलिस स्टेशन के सामने देखा कि बहुत सारे मीडिया के लोग खड़े थे। मुझे मालूम ही नहीं था कि क्या हुआ? ड्राइवर से पूछा तो उसने बताया कि हनुमान चालीसा के मसले पर किसी सियासी दंपती को पकड़ कर लाए हैं।”

लाउडस्पीकर पर अजान पढ़ने के मसले पर सुरेश वाडेकर कहते हैं, ‘इस पर मैं क्या बोल सकता हूं। हम तो बचपन से ही अजान सुनते आए हैं। उनकी जो टाइमिंग होती है। उसमें वह पढ़ते है। ये उनके धर्म का काम है, उसे वे करते हैं। हमें अपने धर्म पर चलना चाहिए, लेकिन वहां हम भूल जाते हैं। बहुत सारे लोग हैं जो मंदिर की तरफ देखते तक नहीं हैं।’