समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. विधानसभा चुनाव के पहले उन पर बलरामपुर ज़िले की तहसील तुलसीपुर के पूर्व चेयरमैन फ़िरोज़ पप्पू की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. उनके साथ उनकी बेटी ज़ेबा रिज़वान और दामाद रमीज़ पर भी फ़िरोज़ पप्पू की हत्या का आरोप लगा है और वो भी जेल में हैं.

फ़िरोज़ पप्पू भी सपा नेता थे और उनकी पत्नी कहकशाँ फ़िरोज़ इस समय तुलसीपुर की चेयरमैन हैं. इस बीच ख़बर है कि रिज़वान ज़हीर के तुलसीपुर नगर से सटे गांव शीतलापुर में स्थित आवास पर पुलिस व राजस्व विभाग की टीम ने पहुंच कर पैमाइश शुरू कर दी है। पूर्व सांसद के आवास पर एक प्लाटून पीएसी व चार थानों की पुलिस के पहुंचने की सूचना जंगल में आग की तरह फैल गई।

ख़बर है कि पुलिस उपाधीक्षक कुंवर प्रभात सिंह व एसडीएम मंगलेश दूबे की अगुवाई में टीम ने आवास के सभी कमरों की वीडियोग्राफी कराई। अंदर रखे सामानों की सूची बनाई। आवासीय परिसर की नपाई भी की गई। करीब पांच एकड़ क्षेत्रफल में आवासीय परिसर है। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट की धारा 14-(1)के तहत की गई है।

रिज़वान ज़हीर को बाहुबली नेताओं की लिस्ट में रखा जाता है. जानकारी के मुताबिक़ एक व्यक्ति ने पूर्व सांसद पर ज़मीन क़ब्ज़ा करने का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज की है. पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ उसकी भी जांच की जा रही है। पहले चरण में उनकी पत्नी सैयदा हुमा फातिमा के नाम से अवैध रूप से अर्जित संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इसके बाद ज़मीन चिन्हित कर उसकी पड़ताल की जाएगी। अगर अवैध कब्जा मिला तो बुलडोजर भी चलाया जाएगा। आवास सील कर दिया गया है। इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ 49 लाख 45 हजार 679 रुपये है। पूर्व सांसद के छोटे भाई सलमान ज़हीर ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन लोगों को कुर्की करने की कोई सूचना नहीं दी गई। वह अपने आवास पर था। अचानक पता चला। यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष में की गई है।

पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर के आवास पर पुलिस और राजस्व की टीम पहुँची और तुलसीपुर नगर में डुग्गी मुनादी शुरू करा दी गई। इसमें लोगों को जिलाधिकारी श्रुति के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई करने की सूचना दी गई। साथ ही यह भी संदेश दिया गया कि अगर कोई अराजकता फैलाता मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रिज़वान ज़हीर ने पिछले सालों अलग-अलग दलों का हाथ थामा लेकिन फ़िलहाल वो समाजवादी पार्टी में हैं. उनकी बेटी ज़ेबा रिज़वान भी सपा में हैं. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में ज़ेबा ने सपा से टिकट माँगा था लेकिन टिकट न मिलने की सूरत में वो जेल में रहते हुए बतौर निर्दलीय प्रत्याशी तुलसीपुर से चुनाव लड़ीं. उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया जबकि सपा के अब्दुल मशहूद ख़ान उनसे पिछड़ गए और तीसरे पर चले गए. यहाँ से भाजपा के कैलाश नाथ शुक्ला विजयी हुए.