पंजाब में जीत के बाद इस बड़े चुनाव में AAP के ख़िलाफ़ कोई नहीं, लोकसभा में ज़ीरो लेकिन फिर भी..

पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार अब दो राज्यों में हो गई है. दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल और पंजाब में भगवंत मान पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री हैं. 2013 में शुरू हुई पार्टी का विस्तार आप इसी तरह से समझ सकते हैं कि ये पार्टी राज्यसभा में देश की छठी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.

पार्टी के राज्यसभा में आठ सांसद हो गए हैं. पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में तीन सांसद थे, ये तीनों सांसद दिल्ली से जीतकर आए थे. पंजाब में 117 विधानसभा सीटों में से 92 सीटें जीतने के बाद आम आदमी पार्टी के लिए राज्यसभा में उम्मीदें बढ़ गईं. पंजाब में 5 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हुए और इन पाँचों सीटों पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने निर्विरोध चुनाव जीता.

पंजाब में कुल 7 राज्यसभा सीटें हैं, इनमें से एक कांग्रेस और एक शिरोमणि अकाली दल के पास है. हालाँकि अभी आप के पंजाब से राज्यसभा सदस्यों की आधिकारिक विजय की घोषणा नहीं हुई है लेकिन आज नामांकन भरने की अंतिम तारीख़ थी. चूंकि किसी और उम्मीदवार ने पर्चा नहीं भरा है तो तकनीकी तौर पर इनकी जीत निश्चित हो गई है.

पंजाब विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, संदीप पाठक, संजीव अरोड़ा और अशोक मित्तल को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था. आम आदमी पार्टी राज्यसभा में बड़ी पार्टियों की लिस्ट में आ गई है. राज्यसभा में सबसे अधिक भाजपा की 100 सीटें हैं, दूसरे नम्बर पर कांग्रेस है.

कांग्रेस की 29 सीटें हैं, तृणमूल कांग्रेस की 13, DMK की 10, बीजू जनता दल की 9 सीटें हैं. इनके बाद आम आदमी पार्टी का नम्बर आता है, आम आदमी पार्टी की अब 8 राज्यसभा सीटें हो गई हैं. राज्यसभा में पार्टी के नेता संजय सिंह हैं. वहीं बात अगर लोकसभा की करें तो लोकसभा में आम आदमी पार्टी की महज़ एक सीट थी.

भगवंत मान ही पार्टी के एकमात्र सांसद थे लेकिन पंजाब विधानसभा में विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया. अब लोकसभा में पार्टी की एक भी सीट नहीं है. लोकसभा में भले आम आदमी पार्टी की कोई सीट नहीं है लेकिन पंजाब चुनाव में अप्रत्याशित जीत के बाद ये पार्टी देश के दूसरे राज्यों में अपना विस्तार करने के लिए तैयार है. वहीं 2024 लोकसभा चुनाव को भी आम आदमी पार्टी उम्मीद की नज़र से देख रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.