कयामत के करीब लोग अपनी बीवियों के साथ जि’ना करेंगे, कहीं आप भी तो यह काम नहीं कर रहे हैं…

April 13, 2021 by No Comments

मशहूर धा’र्मिक वि’द्वान जुल्फिकार अहमद नक्शबंदी ने एक बयान में कहा हुजूर अकरम सल्लल्लाहो सल्लम ने फरमाया। जब कयामत करीब होगी तो लोग अपनी औरतों के साथ जि’ना करेंगे। हमने ह’दीस पाक पढ़ी तो हमें समझ नहीं आई। हमने अपने उस्ताद से पूछा कि उस्ताद जी इसका क्या मतलब है कि लोग अपनी ही बीवी से ज़ि’ना कैसे करेंगे। उन्होंने फरमाया हां इसकी कई शक्ल हैं।

उन्होंने फरमाया एक शक्ल तो यह है कि मर्द या औरत में से किसी ने कोई कलमा कु’फ्र बोल दिया हो। जिस से निकाह टू’ट जाए और उनको इस बात का पता ही नहीं कि उनका निकाह टू’ट गया है या नहीं। आजकल तो यह बात आम है कि लोगों को इस बात का इल्म ही नहीं है मौलाना ने कहा कि हम लोग एक किताब पढ़ रहे थे।

फ़िक़्ह की जिसका नाम माला बु’द्धा मि’न्हो, है तो उसमें जब मुफ़्ती साहब ने क’लमा कु’फ्र पढ़ाया तो हमारी आंखें खुल की खुली रह गई। उसमें कारी सनाउल्लाह पानीपति लिखा है कि दो आदमी बातचीत कर रहे थे एक ने कहा यह तो शरीयत की बात है उसके जवाब में दूसरे ने कहा शरीयत को हटाओ तो उसने कलमा कु’फ्र बोला दिया है।

इस से आदमी काफिर हो गया उन्होंने फरमाया कि हमें चाहिए कि हम उलमा ए इकराम से पूछे कि क’लमा कु’फ्र क्या है। ऐसा ना हो कि हम कलमा कु’फ्र बोल दें और हम को पता भी ना चले इससे निकाह टूट ज़ाय और आदमी को मालूम भी नहीं हो और ज़िना का गुना लिखा जा रहा हो।

हज़रत ने फरमाया कयामत के करीब लोग अपनी बीवी से ज़ि’ना करेंगे उसकी एक सूरत तो यह है। दूसरी सूरत यह है उन्होंने फरमाया एक दूसरे के साथ बहस करना हर घर की बात है जब शादी हुई तो शौहर बोलता था बीवी सुनती थी।

फिर जब कुछ बच्चे हो गए तो बीवी बोलती थी। शौहर सुनता था। फिर जब दोनों बूढ़े हो गए तो कहा कि हम दोनों बोलते थे और मोहल्ले वाले सुनते थे बुढ़ापे में बहस और ज्यादा हो जाती है इसमें होता क्या है कि पति की जबान से कुछ ऐसे जुमले निकल जाते हैं जिससे तिलाक हो जाती है।

इसको तलाक किनाया ( इशारे में तलाक) कहते हैं लफ्ज़ तलाक नहीं बोला। लेकिन बात ऐसी कर देते हैं जिसका मतलब तलाक निकल आता है इसको किनाये में तलाक कहते हैं।

अब यह गु’नाह बहुत ज्यादा है। गुस्से में कह देते हैं कि चली जा मुझे तेरी कोई जरूरत नहीं आज के बाद इस किस्म के अल्फाज जिसका नतीजा यह निकला कि तू मेरी बीवी नहीं। अब इस किस्म की मालूमात करनी चाहिए ऐसा ना हो कि तलाक हो जाए और उन्हें पता भी ना हो और साथ में रह भी रहे हो।

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