देश के 5 राज्‍यों में इस समय विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने एक बयान देकर सभी को चौंका दिया है। उन्‍होंने कहा है कि कांग्रेस और अन्य दल जैसे बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भारत के संस्थागत ढांचे पर कब्जे और भाजपा द्वारा एक पूर्ण वित्तीय मीडिया प्रभुत्व के कारण चुनाव नहीं जीत रहे हैं।

हार्वर्ड केनेडी स्कूल के प्रोफेसर निकोलस बर्न्स के साथ एक वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए उन्हें संस्थागत संरचनाओं की जरूरत है, एक न्यायिक प्रणाली जो उनकी रक्षा करती है, एक मीडिया जोकि फ्री है। समता और संरचनाओं का एक पूरा सेट जो वास्तव में उसे एक राजनीतिक पार्टी संचालित करने की अनुमति देता है, लेकिन वह हमारे पास नहीं है।

असम ईवीएम मुद्दे को उठाते हुए वायनाड सांसद ने कहा, ”कुछ लोग भाजपा उम्मीदवारों की कारों में ईवीएम ले जाने का वीडियो भेज रहे हैं, हालांकि, राष्ट्रीय मीडिया में कुछ भी नहीं चल रहा है।”

राहुल गांधी ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन, लॉकडाउन और EVM का जिक्र कर सरकार के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए। राहुल ने कहा कि बातचीत की आड़ में चीन भारत के इलाके पर कब्जा जमा रहा है, क्योंकि चीन भारत को कमजोर और अंदरूनी तौर पर बंटा हुआ देखता है। राहुल ने कहा कि पावर एक जगह सिमटकर रह गया है, सभी फैसले एक जगह से लिए जा रहे हैं, किसी फैसले की कैबिनेट में चर्चा नहीं होती।

चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के इरादे से कोई जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण इरादे से नहीं कहा गया था कि यह घटना एक अलग “पीठासीन अधिकारी और उनकी टीम की लापरवाही और मूर्खता के कारण” प्रतीत होती है। आयोग ने विवाद के बाद असम के रताबारी विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर फिर से चुनाव कराने का आदेश दिया। चुनाव आयोग ने पीठासीन अधिकारी और तीन अन्य अधिकारियों के निलंबन का भी आदेश दिया है।

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