अफगानिस्तान में ता’लिबा’न की वापसी के बाद हजारों लोग देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं कुछ लोग ऐसे हैं जो पश्चिमी देशों के लिए काम कर चुके हैं और जब कि कुछ ऐसे लोग हैं जो मौका का फायदा उठा कर अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने की कोशिश में दूसरे मुल्क जा रहे हैं काबुल एयरपोर्ट पर जाने वालों में से अब तक 20 से ज्यादा लोगों को म’रने की खबर है कुछ अमेरिकी फा’यरिंग का शि’कार हुए तो जबकि कुछ लोगों के नीचे आने से कुचले गए अफगानिस्तान के शरणार्थियों को पनाह देने को लेकर अभी कई देश क’शमक’श में हैं।

कनाडा ने ता’लिबा’न के प्रति’शोध से बचाने के लिए महिला नेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों सहित 20,000 से अधिक कमजोर अफगानों को फिर से बसाने की योजना बनाई है कनाडा के आप्रवासन, श’रणार्थी और नागरिकता मंत्री मार्को मेंडिसिनो ने इस बात की जानकारी दी है।

वहीं ब्रिटेन ने भी 20000 शरणार्थियों को पनाह देने की बात कही है उनका कहना है इसमें महिलाओं और लड़कियों को प्राथमिकता दी जाएगी आपको बता दें 2,000 अफगान नागरिक जिन्होंने अफगानिस्तान में ब्रिटेन के सशस्त्र बलों की सहायता की थी, जून के अंत से ही ब्रिटेन में बस गए हैं।

अफगान शरणा’र्थियों को प’नाह देने को लेकर तुर्की का ऐसा बयान सामने आया है जिस पर किसी को उम्मीद नहीं रही होगी तुर्की राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान ने यूरोपीय यूनियन को दो टूक जवाब देते हुए कहा पश्चिमी देशों के लिए काम करने वाले अफगान शरणार्थियों को तुर्की में पनाह नहीं दे सकते हैं।

उन्होंने कहा तुर्की पहले ही से 50 लाख मुहाजिरीन का बो’झ उठाए हुए है आपको बता दें काबुल एयरपोर्ट पर नियंत्रण को लेकर तुर्की राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान ने तालिबान से भी बात करने के लिए तैयार हैं इस से पहले काबुल एयरपोर्ट को नियंत्रण लेने के मामले से पीछे हट गए थे

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