लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आज विधान परिषद चुनाव के नतीजे आ रहे हैं. नतीजे आने के बाद सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपनी पार्टी की परफॉरमेंस से नाराज़ हैं. कई कार्यकर्ता ये कह रहे हैं कि जो लोग एमएलसी का टिकट लेकर चुनाव मैदान में गए हैं उनके पास लोग ही नहीं हैं. सपा जैसी मज़बूत पार्टी में इस तरह के लोगों की एहमीयत पर सवाल खड़ा किया जा रहा है.

सपा जहाँ अपनी परफॉरमेंस से आलोचना झेल रही हैं वहीं भाजपा ने इस चुनाव में शानदार परफॉरमेंस की है. भाजपा को जहां प्रदेश भर में अच्छी कामयाबी मिली है वहीं उसके लिए बड़ी हार कहीं और से नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से आई है. इस हार ने भाजपा के लिए कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

भाजपा के गढ़ और पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भगवा पार्टी को बड़ा झटका लगा है। वाराणसी में भाजपा के प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे। इस सीट से बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह ने निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। अन्नपूर्णा सिंह को प्रथम वरीयता के 4234, उमेश यादव को 345 और डॉ. सुदामा पटेल को महज 170 मत मिले।

कुल वैध मत 4749 मतों की गिनती हुई। जबकि 127 मतपत्र निरस्त कर दिए गए। इस सीट पर वाराणसी, चंदौली और भदोही के कुल 4949 वोटरों में 4876 ने वोट डाले थे। वाराणसी से भाजपा उम्मीदवार सुदामा पटेल को पहले से ही हार की आशंका थी।

उन्होंने पिछले दिनों मीडिया से बातचीत में कहा था कि पार्टी के नेता उनका साथ नहीं दे रहे हैं और माफिया बृजेश सिंह की पत्नी का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि, वाराणसी में एमएलसी सीट पर बृजेश सिंह का दबदबा रहा है। लगभग दो दशक से बृजेश सिंह के परिवार का कब्जा है। हालांकि, सपा से भी पिछड़ जाना जरूर भाजपा के लिए झटका है।