लखनऊ: कोरो’नावाय’रस के के’हर से बचने के लिए जारी किया गया लॉ’क डा’उन के इस दौर में भी नेताओं के सिया’सी मामले कम नहीं हुए हैं। बल्कि इस दौरान भी काफी सि’यासी मामले सामने आ रहे है। ऐसे में खबर है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने अपने विधायक शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) की विधायकी को र’द्द करने वाली विधानसभा में दाखिल की गई याचिका को वापस ले लिया है।

गुरुवार को उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित (Hriday Narayan Dikshit) ने समाजवादी पार्टी को इसके लिए अनुमति दे दी है। इस अनुमति के चलते विधायक शिवपाल यादव की सदस्यता र’द्द करने की याचिका को वापस लिया गया। समाजवादी पार्टी के रामगोविंद चौधरी ने इस याचिका को वापस लेने की अपी’ल की। बताया जा रहा कि समाजवादी पार्टी के साथ गद्दा’री कर के पूर्व मंत्री शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाई थी। बता दें कि 2016 विधानसभा चुनाव से पहले यादव परिवार में काफी वि’वाद।

इन दिनों यादव परिवार में महाभारत की शुरुआत हुई थी। परिवार के बीच ये बात इतनी ज़्यादा बढ़ गई थी कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव आमने-सामने आ गए. बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी पर एकाधिकार कर लिया। उसके बाद चुनाव में समाजवादी पार्टी की हा’र के बाद शिवपाल ने सपा के शीर्ष नेतृत्व की आलोचना की. इसी दौरान उन्होंने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) का गठन किया.अब दोनों के बीच सुला’ह कराने के लिए बहुत से लोगों ने काफी सारी कोशिशें की लेकिन सभी अपनी कोशिशों में नाका’म नजर आई।

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