उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में मौजूद योगी सरकार का फैस’ला पसं’द नहीं आया है। बता दें कि योगी सरकार द्वारा श्रमिक का’नून को रो’कने का फैसला लिया गया है। जो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को पसं’द नहीं आया है। अखिलेश योगी सरकार के इस फैसले से सह’मत नहीं है, उनका कहना है इस तरह प्रदेश में निवे’श बढ़ेगा। कहने को सपा अध्यक्ष अखिलेश का खुद का मानना है कि ‘औद्योगिक-शांति’ ही निवेश की सबस शान’दार श’र्त होती है।

अपने एक ट्वीट में आखलेश यादव योगी सरकार के फैसले के खिलाफ कहते है कि “मज़दूर विरो’धी भाजपा सरकार ‘श्रमिक-क़ानून’ को 3 साल के लिए स्थ’गित करते समय त’र्क दे रही है कि इससे निवेश आकर्षित होगा; जबकि इससे श्रमिक-शोषण बढ़ेगा तथा साथ में श्रम असं’तोष औद्योगिक वाताव’रण को अशां’ति की ओर ले जाएगा. सच तो ये है कि ‘औद्योगिक-शांति’ नि’वेश की सबसे आक’र्षक शर्त होती है।”

वहीं मजदूरों को लेकर अखिलेश अपने ट्वीट के साथ साथ एक क’विता भी शेयर करते है, जिसमें उन्होंने लिखा “जो गये थे कभी… सपनों के शहरों में…थक-हा’र के सो रहे हैं…आज गाँव का सपना लिए…।” इसके साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट से साथ एक फोटो भी शेयर की जिसमें बहुत मजदूर ट्रक पर सो रहे हैं। वहीं सपा नेता आईपी सिंह ने बीजेपी पर निशा’ना सा’धते हुए अपने एक ट्वीट में लिखा कि “भाजपा नेताओं की हा’लत सरकारी दफ़्तर में रहने वाली उस छिप’कली के जैसे हो गयी है जो रात भर शि’कार करती है और सुबह महापुरुषों की तस्वीर के पीछे छि’प जाती है।”

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