यूपी चुनाव से पहले मुस्लिम वोटरों को साधने में जुटी पार्टियां, जानिए क्या है सपा और भाजपा का प्लान…

July 29, 2021 by No Comments

उत्तर प्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिसके चलते सभी राजनीतिक दल वोटरों को साधने की कोशिश में जुट गए हैं। खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी राज्य के वोटरों को अपने पाले में लेने के लिए रणनीतियां बनाने लगे हैं।

चुनाव जीतने के लिए एक तरफ जहां कुछ राजनीतिक दलों की नजर ब्रा’ह्मणों को लुभाने पर है। तो वहीं कुछ राजनीतिक दल मुस्लिम वोट बैंक को साथ में भी कोशिश में जुटे हुए हैं। उत्तर प्रदेश में 20 फ़ीसदी मुस्लिम वोटर हैं। जिनका सूबे की 403 विधानसभा सीटों में से 120 पर खासा प्रभाव है। इसलिए जिस राजनीतिक दल की तरफ मुस्लिम वोटर झुकेंगे। उनकी जीत निश्चित मानी जाती है।

इसी वजह के चलते विपक्षी पार्टियों ने इन्हें अपने पाले में लेने की कोशिश शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के सभी पार्टियों ने मुसलमानों को अपने पाले में लाने के लिए रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस ने एक तरफ जहां इमरान मसूद को दिल्ली का सहप्रभारी और राष्ट्रीय सचिव का पद दे दिया है। वहीं इमरान प्रतापगढ़ी को अल्पसंख्यक मोर्चे का चेयरमैन बना दिया गया है। जिसके चलते राज्य के मुसलमानों को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि उनका असली शुभचिंतक कांग्रेस ही है।

कांग्रेस का कहना है कि पिछले कई सालों से यूपी का मुसलमान समाजवादी पार्टी पर भरोसा करता आ रहा है लेकिन सत्ता में आने के बाद वह इन्हें भूल जाती है और केवल एक जाति विशेष पर ध्यान देती है। कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस की सरकार में ही मुसलमान सुरक्षित रह सकता है।

बसपा सुप्रीमो मायावती भी मुस्लिमों को अपनी तरफ करने का पूरा प्रयास कर रही हैं। उन्होंने लालजी वर्मा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने पर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनके स्थान पर शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को यूपी विधानमंडल दल का नेता नियुक्त किया है।

मायावती ने ऐलान किया है कि वे अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगी और अकेले चुनाव लड़ेंगी। वहीं, हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) भी यूपी में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। एआईएमआईएम भी मुस्लिमों को अपने पाले में लाने के लिए जी जान से जुटी हुई है।

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