देश में कोरो’ना वाय’रस के बढ़ते मामलों की वजह से पूरे देश में परे’शानी भरा माहौल बना हुआ है। ऐसे परे’शानी भरे माहौल में पुडुचेरी से खबर आई है। बता दें कि पुडुचेरी में कोरो’नावाय’रस से संक्र’मित एक व्यक्ति की मौ’त के बाद उसके श’व के साथ बदस’लूकी का मामला सामने आया है। इस मामले में कुछ सरकारी कर्मचारियों का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो कोरो’ना संक्र’मित व्यक्ति के श’व को एक गड्ढे में फेंकते हुए नजर आए। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में काफी आक्रो’श है। जिसको देखते हुए वहां की प्रशासन ने इस मामले की जां’च का आदेश दिया है।

इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि पीपीई किट पहने चार लोग एम्बुलेंस से एक श’व को निकाल के गड्ढे में फे’क रहे है। 30 सेकंड के अंदर एक शख्स सरकारी अधिकारी से कहता है कि उन्होंने “श’व को फें’क” दिया है, जिसके बाद अधिकारी अंगूठा दिखाता है। वीडियो से साफ जाहिर होता है कि कर्मचारियों ने कोरो’ना संक्र’मित श’व को संभालने के दौरान अपनाए जाने वाले कई प्रोटोकॉल का पूरी तरह से उल्लं’घन किया है। म’रने वाले व्यक्ति को सफेद कपड़े में लपेटा गया जबकि मरने वाले श’व को बैग में रखना अनिवार्य है। सूत्रों का कहना है कि ये श’व चेन्नई में रहने वाले एक व्यक्ति का है। जो कि पुडुचेरी आया था। जांच से पता चला के वो कोरो’ना संक्र’मित है।

इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने अपने एक बयान में कहा है कि “श’व को गरिमा पूर्ण तरीके से दफ’नाने अधिकार का मामला है। एक मृत’क व्यक्ति के साथ इस तरह का दुर्व्य’हार भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत अप’राध है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं समेत अन्य स्टाफ को सजा मिलनी चाहिए।” स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के सूत्रों से पता चला है कि शिव को दफ’न करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। पुडुचेरी के कलेक्टर अरुण ने इस मामले पर जां’च करने का आदेश देते हुए कहा है कि “”मैंने संबंधित विभाग को मेमो जारी किया है। यह बहुत दु’र्भाग्य’पूर्ण है। मैं इस मामले में जांच कर रहा हूं।”

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