कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के बेटे से शुक्रवार को फोन पर बात की और 78 वर्षीय भाजपा नेता के निधन की गलत खबर अपने ट्विटर खाते पर प्रसारित करने के लिए क्षमा याचना की। थरूर और कुछ मीडिया संगठनों ने बृहस्पतिवार रात ट्विटर पर महाजन के निधन की गलत जानकारी दी थी। भाजपा नेताओं ने जब कहा कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पूरी तरह स्वस्थ हैं, तो थरूर और अन्य ने अपने ट्वीट हटा लिए।

इस घटनाक्रम के तूल पकड़ने के बाद थरूर ने शुक्रवार दोपहर ट्वीट किया, मैंने कल रात (ट्विटर पर) गलत सूचना प्रसारित करने को लेकर सुमित्रा महाजन जी के बेटे से बात की है और इसके लिए उनसे क्षमा याचना की है। थरूर ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि उन्हें यह जानकर बेहद प्रसन्नता हुई है कि महाजन के स्वास्थ्य में अब पहले से काफी सुधार है। कांग्रेस नेता ने कहा, मैंने महाजन और उनके परिवार के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

गौरतलब है कि महाजन के निधन की अफवाहों के बाद उनके छोटे बेटे मंदार महाजन ने बृहस्पतिवार रात वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि उनकी मां एकदम स्वस्थ हैं। मंदार ने लोगों से अपील भी की थी कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें। स्थानीय भाजपा नेता और महाजन के पुराने सहयोगी राजेश अग्रवाल ने बताया, महाजन को बुधवार शाम बुखार की शिकायत पर शहर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के बाद अब उन्हें बुखार नहीं है और वह आरटी-पीसीआर जांच में कोविड-19 से भी मुक्त पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य लाभ ले रहीं महाजन की हालत एकदम ठीक है।

महाजन के एक अन्य स्थानीय सहयोगी रामस्वरूप मूंदड़ा ने उनसे बृहस्पतिवार देर रात फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस ऑडियो में महाजन अपने निधन की अफवाह फैलने पर नाराजगी जताते हुए कहती सुनाई पड़ रही हैं, क्या लोगों को इंदौर के प्रशासन से पुष्टि किए बिना मेरे बारे में ऐसी खबर प्रसारित करनी चाहिए?भाजपा नेता सुमित्रा महाजन ने इस ऑडियो में कहा कि उनके निधन की गलत खबर से चिंतित रिश्तेदारों ने उन्हें फोन करने शुरू कर दिए थे। महाजन ने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार और मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से भी उनके निधन की खबर का खंडन जारी होना चाहिए।

ताई (मराठी में बड़ी बहन का संबोधन) के नाम से मशहूर महाजन ने इंदौर से वर्ष 1989 से 2014 के बीच लगातार आठ बार लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। लेकिन 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को चुनाव नहीं लड़ाने के भाजपा के नीतिगत निर्णय को लेकर मीडिया में खबरें आने के बाद महाजन ने वक्त की नजाकत को भांपते हुए पांच अप्रैल 2019 को खुद घोषणा की थी कि वह बतौर उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगी।

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