शिवराज और सिंधिया में रार! भाजपा के लिए चुनाव प्रचार नहीं कर..

October 15, 2020 by No Comments

हाल ही में कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर ज्योतिराज सिंधिया ने राज्य में कमलनाथ सरकार को गिराने में भाजपा की मदद की थी। अब राज्य में विधानसभा उप चुनाव होने वाले हैं। जिसके लिए कांग्रेस और भाजपा जमकर चुनाव प्रचार में जुट गई है। माना जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की पोजीशन को लेकर पार्टी के अंदर खाने जो चल रहा था।

अब वह साफ तौर पर सामने आने लगा है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी ने ज्योतिराज सिंधिया को अपने चुनावी रथ से उतार ही दिया है। भाजपा ने अपने चुनावी रथ से तो ज्योतिराज सिंधिया को उतार ही दिया है। इसके साथ-साथ उन्हें स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भी दसवें नंबर पर रखा गया है। दरअसल साल 2018 के विधानसभा चुनाव को भाजपा ने माफ करो महाराज के नारे पर लड़ा था।

अब जब सिंधिया भाजपा में शामिल हो चुके हैं। तब भी भाजपा ने अपना नारा वही रखा है। सूत्रों के मुताबिक ज्योतिराज सिंधिया के भारी विरोध को देखते हुए भाजपा ने उन्हें विधानसभा उपचुनाव के चुनाव अभियान से दूर रखने का फैसला लिया है। दरअसल ग्वालियर के सदस्यता अभियान में जिस तरह से महल के खिलाफ और सिंधिया गद्दार के नारे गूंजे थे। उसी वक़्त भाजपा ने समझ लिया कि भूल हो गई। जिसे जनता का नेता समझा वह तो पोस्टर बॉय भी नहीं निकला।

कुल मिलाकर आप ज्योतिरादित्य सिंधिया की भाजपा में पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। क्योंकि ग्वालियर के बाद इंदौर सांवेर में भी कई जगह सिंधिया का विरोध हुआ है और उन्हें गद्दार कहा जा रहा है। इसके बाद से ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंधिया को चुनाव प्रचार अभियान से दूर रखने का फैसला लिया भाजपा को इस बात की गारंटी हो चुकी है कि अगर सिंधिया को साथ रखा तो राज्य में हार की गारंटी है।

सिंधिया के समर्थकों को भी अब लगने लगा है कि उन्होंने गलती कर दी। यदि वे इस बार हार गए तो पूरी राजनीति खत्म। कांग्रेस में लौटकर भी कुछ हासिल होना नहीं है। शिवराज सिंह चौहान ने सिंधिया समर्थकों को मंत्री जरूर बनाया।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *