कांग्रेस की वजह से भाजपा में हुए दो फा’ड़, शिवराज खेमे में फिर गरमा गई राजनीति..

February 23, 2021 by No Comments

मध्यप्रदेश में विधानसभा उपाध्यक्ष के पद को लेकर सियासत एक बार फिर से गरमा गई है। दरअसल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में एक धड़ा जहां परंपरा के अनुरूप उपाध्यक्ष का पद विपक्षी दल को देने के पक्ष में है। वही दूसरा धड़ा उपाध्यक्ष का पद कांग्रेस की तरह ही अपने पास यानी कि भारतीय जनता पार्टी के पास रखने की बात कर रहा है।

इस धड़े का कहना है कि परंपरा कांग्रेस ने तोड़ी है तो अब उसे इसी लहजे में जवाब देना चाहिए। इसी बीच मध्य प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा है कि विधानसभा उपाध्यक्ष का पद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को देने के पक्ष में वह बिल्कुल भी नहीं है।

इस मामले में उन्होंने मीडिया से भी चर्चा की है मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा है कि ऐसा क्यों किया जाना चाहिए जब बीते 15 सालों बाद 15 महीने की सत्ता में कांग्रेस आई थी। तब उन्होंने विधानसभा उपाध्यक्ष का पद विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को नहीं दिया था। इस बारे में कांग्रेस का तर्क यह है कि तब अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था। लेकिन वे कहना चाहते हैं कि उस समय कांग्रेस अल्पमत की सरकार थी और उसे बड़ा मन दिखाना चाहिए था।

इसके अलावा डॉ नरोत्तम मिश्रा ने यह भी कहा है कि लेकिन कांग्रेस ने जब ऐसा नहीं किया तो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण सरकार चल रही है और वह भी अब विधानसभा उपाध्यक्ष का पद कांग्रेस को देने के पक्ष में बिल्कुल नहीं है।

विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव बीते दिनों की हुआ है और वरिष्ठ भाजपा विधायक गिरीश गौतम इस पद पर निर्विरोध तरीके से निर्वाचित किए गए हैं। इसके बाद से ही अब सभी की निगाहें विधानसभा उपाध्यक्ष पद पर जाकर टिक चुकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच इस मुद्दे को लेकर खींचतान चलती है या फिर मामला सुलझ जाता है।

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