महाराष्ट्र में फिर भाजपा को लगा बड़ा झटका! शिवसेना में शामिल होंगे ये दो दिग्गज नेता…

April 8, 2021 by No Comments

महाराष्ट्र में शिवसेना कांग्रेस और करन कांपा की सरकार बनने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी इस सरकार को गिराने की ताकत में है। लेकिन इसके विपरीत महा विकास आघाडी सरकार की मजबूती के आगे भाजपा टिकने में असमर्थ साबित हो रही है।आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी कई राज्यों में सरकार गिराने के लिए नेताओं की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश कर रही है।

इसी बीच महाराष्ट्र से भी ऐसी ही खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि भाजपा की रणनीति के खिलाफ शिवसेना में भाजपा के दो विधायक शामिल हो सकते हैं। दरअसल आने वाले नगर निकाय चुनाव में भाजपा शिवसेना एक बार फिर आमने-सामने आने वाले हैं। दोनों के लिए ही है चुनाव बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भाजपा द्वारा मुंबई नगरपालिका में शिवसेना की सत्ता को उखाड़ फेंकने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। जिसके चलते भाजपा लगातार बैठकर आंदोलन कर रही है। इसके साथ ही शिवसेना पर तरह-तरह के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। लेकिन शिवसेना भी भाजपा पर वार करने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं दे रही। भाजपा को सबक सिखाने के लिए अब शिवसेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है।

नासिक महापालिका में भाजपा का झंडा लहरा रहा है। जहां विधानसभा चुनाव में पार्टी का बहुत परिवर्तन देखा गया है। अब शिवसेना में शामिल हुए पूर्व विधायक बालासाहेब सानप ने हाल ही में भाजपा में नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की उपस्थिति में भाजपा में वापसी की है। सानप के पार्टी में शामिल होने पर भाजपा के पदाधिकारी शिवसेना में शामिल होंगे ऐसी चर्चा नासिक में शुरू है।

मिली जानकारी के मुताबिक, नासिक में पूर्व विधायक वसंत गीते और सुनील बागुल शिवसेना में शामिल होंगे। इन दिनों नेताओं ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के वर्षा बांग्ला पर उनसे मुलाकात की। इस दौरान शिवसेना के पूर्व महापौर विनायक पांडे, युवासेनेा के वरूण सरदेसाईही उपस्थित थे।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद से जब भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने अपने रास्ते अलग किए थे। तो उसके बाद से ही दोनों पार्टियों के बीच तनातनी का माहौल बना रहता है। अक्सर भाजपा नेताओं और शिवसेना नेताओं के बीच त’नाव देखने को मिल जाता है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद से ही शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच तनातनी देखने को मिलती रही है। भाजपा से अलग होने के बाद शिवसेना ने पार्टी पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इसके साथ ही शिवसेना नेता भाजपा की जन विरोधी नीतियों का भी खुलेआम विरोध कर रहे हैं। शिवसेना ने कृषि कानूनों का भी जमकर विरोध किया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *