सपा नेता आज़म ख़ान जेल से रिहा हो गए हैं। वो पिछले 27 महीनों से सीतापुर जेल में बंद थे, उन पर कुल 88 मुक़दमे हैं और अब उन्हें सभी में ज़मानत मिल गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने आज़म ख़ान के केस की सुहवाई करते हुए कहा कि जैसे ही एक केस में आज़म को ज़मानत मिलती है, उन पर नया केस दर्ज हो जाता है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज़म को अंतरिम ज़मानत दे दी।

आज़म कल जेल से रिहा हुआ। उनका स्वागत करने बड़ी सँख्या में सपा कार्यकर्ता थे और साथ ही प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव भी पहुँचे थे। आज़म और शिवपाल पुराने समाजवादी नेता माने जाते हैं और कहा जाता है कि पिछली सभी सपा सरकारों में इन दोनों की ही चलती थी। अखिलेश के सपा अध्यक्ष बनने के बाद जहाँ शिवपाल पार्टी से बाहर कर दिए गए थे वहीं आज़म रामपुर और आस पास के क्षेत्र तक सीमित हो गए।

आज़म की रिहाई के बाद अब सभी इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि वो अगला क़दम क्या उठाएँगे। मीडिया ने इस बारे में बहुत रिपोर्टिंग की है कि आज़म और शिवपाल का साथ होना मतलब सपा के लिए मुश्किल। हालाँकि इन कयासों को आज़म ने एक इंटरव्यू में ग़लत बताया है।

एक प्राइवेट चैनल को दियी इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वो आगे भी सपा में रहेंगे तो आज़म ने जवाब दिया कि वो हार्दिक पटेल नहीं है। हाल ही में हार्दिक पटेल ने कांग्रेस छोड़ दी थी। आज़म ने इसके साथ ही उन अटकलों पर विराम लगा दिया है जो दावा कर रही थीं कि आज़म किसी अन्य दल में जा सकते हैं।

चैनल ने जब ज्ञानवापी मस्जिद और उससे जुड़े विवाद पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मुझे ठीक से इसकी जानकारी ही नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था के ख़िलाफ़ किसी को कुछ नहीं बोलना चाहिए।

जब उनसे पूछा गया कि क्या अखिलेश यादव से उनकी कोई नाराज़गी है तो उन्होंने कहा कि कोई नाराज़गी नहीं है, उन्होंने मेरा क्या बिगाड़ा है। उन्होंने साथ ही विधानसभा चुनाव में अपनी जीत पर कहा कि 41 सालों से मुझे ये प्यार मिल रहा है, 11 बार चुनाव जीता हूँ, एक बार तो लोकसभा चुनाव भी जीता, किसी बड़े नेता के पास भी ऐसा रिकॉर्ड नहीं है।

उन्होंने अपने ऊपर लगे मुक़दमों पर कहा कि उनके ऊपर कोई संगीन मुक़दमा नहीं है। वो अपने ऊपर लगे मुक़दमों का ज़िक्र करते हुए कहते हैं कि बक़री चुराई है कि नहीं, मुर्ग़ी चुराई है कि नहीं, मंत्री रहते शराब की दुकान लूटी है…जो उनका स्तर था वैसे ही मुक़दमे अधिकारियों ने लगाए। आज़म कहते हैं कि मुझ पर धारा 151 का भी मुक़दमा दर्ज नहीं है लेकिन 20 दिन में मुझे सबसे बड़ा अपराधी बना दिया गया। वो कहते हैं कि ये सेट प्रोग्राम था, मैं इलेक्शन का एजेंडा था।

आज़म साथ ही ये भी कहते हैं कि उन पर लगे अधिकतर मुक़दमे अपने ही लोगों ने करवाये हैं।जब उनसे पूछा गया ये लोग कौन हैं तो उन्होंने कहा कि जिनके माथे पर बड़े बड़े निशान हैं।

आज़म ख़ान की जेल से रिहाई का सपा कार्यकर्ता लंबे समय से इंतज़ार कर रहे थे, उनकी रिहाई ने रामपुर के सपा कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल पैदा कर दिया है जब पूरे प्रदेश में सपा कार्यकर्ता ख़ुशी मनाते दिखे।