किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से किया सवाल, ”तबलीगी जमात की तरह..”

January 7, 2021 by No Comments

दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन पर आम जनता और विपक्षी दलों द्वारा लगातार चिं’ता जताई जा रही है। दरअसल दिल्ली में पड़ रही बारिश और ठंड के कारण किसान प्र’दर्शनका’रियों की से’हत पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी बीच अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में चिं’ता जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या किसान आं’दोलन में को’रोना को लेकर नियमों का पालन किया जा सकता है।

इस मामले में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एस ए बोबडे ने कहा है कि हमें नहीं पता कि किसान आंदोलन कर रहे प्र’दर्शनका’री कोरोना सं’क्रम’ण से सुरक्षित है या नहीं लेकिन अगर नियमों का पालन नहीं किया गया तो त’बली’गी जमात की तरह ही दिक्कत हो सकती है। दरअसल दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित म’रकज मामले और कोविड-19 के चलते भी’ड़ इकट्ठा करने की परमिशन देने को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी।

 

इस याचिका में याचिकाकर्ता ने कहा है कि सरकार ने नि’जामुद्दीन म’रक’ज में विदेशी प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत देकर लाखों लोगों के स्वास्थ्य को ख’तरे में डाला था। अब इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार को यह बताना पड़ेगा कि यह क्या हो रहा है। मुझे नहीं पता कि किसान को’विड-19 सुरक्षित है या नहीं। किसानों के विरोध प्रदर्शन में भी यही समस्या पैदा हो सकती है। इस पर अब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम हालात के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।

याचिकाकर्ता के वकील परिहार ने कहा कि मौ’लाना साद का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मौलाना साद के ठिकाने के बारे में कोई बयान नहीं दिया गया। इस पर सीजेआई एसए बोबड़े ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि कोविड नहीं फैले। जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।

 

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