सुप्रीम कोर्ट ने देश के से’क्स वर्करों को लेकर दिया बड़ा निर्देश, अब देना पडेगा..

March 22, 2021 by No Comments

समाज में मौजूद से’क्स व’र्करों को हमेशा समाज का हिस्सा मानने से इनकार किया जाता रहा है। इस वर्ग ने अपने अधिकारों की ल’ड़ाई की कोशिश यह मेरा हमेशा जारी रखी है। देखा जाता है कि बड़े शहरों में रहने के बावजूद भी से’क्स व’र्करों के बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं और से’क्स वर्कर अपने आखिरी वक्त में भू’खमरी और बीमा’री की वजह से बेनाम मौ’त म’र जाते हैं।

अब से’क्स वर्करों को लेकर देश की सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। देश की सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की सरकारों को से’क्स व’र्करों से जुड़ा एक निर्देश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश के राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि से’क्स व’र्करों तत्व स’स्ते दामों पर सूखा राशन पहुंचाए।

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि राशन देने के लिए सरकारी एजेंसी की तरफ से पहचान पत्र के लिए जोर नहीं डाला जाना चाहिए। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह निर्देश जनहित याचिका पर जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने के दौरान कहा है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को से’क्स व’र्क’रों को सूखा राशन मुहैया करवाने का निर्देश दिया जाता है।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय ए’ड्स नियंत्रण संगठन और जिला कानूनी अधिकारी ने जिन से’क्स व’र्कर की पहचान की है। उनको राशन कार्ड या किसी अन्य पहचान पत्र पर जोर दिए बिना ही राशन दिया जाए। दरअसल कोर्ट ने इस दौरान को’रो’ना म’हामा’री के बाद से’क्सक’र्मियों की स्थिति को लेकर भी चिं’ता जताई।

इस मामले में जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, वे गं’भी’र सं’कट में हैं,। अधिकारी से’क्स व’र्करों को राहत देने के लिए ऐसे कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं, जो ट्रां’सजें’डर समुदाय की मदद के लिए उठाए गए हैं। केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह सहमति जताई है कि राज्यों में से’क्स व’र्कर्स को कम की’मतों यानी की छू’ट पर राश’न मुहैया करवाया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि जिस तरह उसने ट्रां’सजेंड’रों को 1500 रुपए की आर्थिक सहायता मुहैया कराई है। क्या उसी तर्ज पर क्या से’क्स व’र्करों को भी ये आर्थिक सहायता दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के इस सवाल पर केंद्र के वकील ने कहा कि वह इस पर सरकार से निर्देश लेकर अदालत को सूचित करेंगे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *