अफगानिस्तान में ता’लि’बान की वापसी के बाद लगातार लोगों की निगाह वहां के क्रिकेट की तरफ ही थी शुरू में सवाल उठा क्या ता’लि’बान अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम को बाकी रखेंगे या नहीं जिस पर ता’लि’बान प्रवक्ता सोहेल शाहीन ने साफ तौर पर ऐलान किया कि ता’लिबा’न ही क्रिकेट को लेकर आए थे और क्रि’केट को बहुत पसंद करते हैं उन्हीने कहा पहले ही की तरह अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम बाकी रहेगी जो भी कुछ मदद करने की जरूरत होगी पूरा सहयोग किया जाएगा।

ESPN, CRIC INFO, वेबसाइट के मुताबिक ता’लि’बान अधिकारियों ने रविवार को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के सदस्यों से मुलाकात की इसके बाद उन्होंने अज़ीज़ुल्लाह फ़ाज़ली को अध्यक्ष के रूप में फिर से नामित कर दिया है आपके बात दें 2019 में इंग्लैंड विश्व कप में अफगानिस्तान क्रिकेट टीम अंतिम स्थान पर रहने के बाद फाजली ने इस्तीफा दे दिया तब से फरहान यूसुफजई एसीबी के काम की देखरेख कर रहे थे।

रविवार को ट्विटर पर एसीबी के एक बयान में कहा गया, “वह (अजीजुल्लाह फाजली) एसीबी का नेतृत्व करेंगे और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए कार्य योजना तैयार करेंगे अफगानिस्तान पर नियंत्रण करने के तुरंत बाद, ता’लि’बान ने कहा कि वे देश में पुरुष क्रिकेट में कोई हस्त’क्षेप नहीं करेंगे हालांकि महिला क्रिकेट को लेकर अभी तज स्थिति साफ नहीं हुई है हाल के वर्षों में क्रिकेट अफगानिस्तान के सबसे बड़े खेलों में से एक के रूप में उभरा है।

पिछले हफ्ते की शुरुआत में, जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया, तो अफगानिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भय की लहर दौड़ गई क्योंकि 1996 और 2001 के बीच उनके शासन की द’र्दना’क यादें लोगों के मन में ताजा हैं उस समय, उन्होंने खेल सहित सभी प्रकार के मनो’रंजन पर प्र’तिबंध लगा दिया कुछ स्टे’डियमों का इस्तेमाल लोगों को दं’डित करने के लिए किया जाता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.