तेजस्वी यादव के लिए ख़ाली करेंगे नीतीश कुमार कुर्सी? 72 घन्टे तक कोई भी

May 23, 2022 by No Comments

बिहार की राजनीति में इस समय बड़ी हलचल सी बनी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी जदयू के विधायकों के लिए फ़रमान जारी किया है कि अगले 72 घण्टे कोई विधायक पटना से बाहर न जाये।

राज्यसभा चुनाव से पहले बिहार जदयू में सियासी हलचल लंबे समय से चल रही थी। जैसे जैसे राज्यसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे वैसे ही जदयू के अंदर हलचल बढ़ रही है। असल में जदयू के राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है। आरसीपी जदयू कोटे से केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री हैं।

मामला ये है कि नीतीश कुमार आरसीपी को अब सदन नहीं भेजना चाहते, ऐसे में आरसीपी को मंत्री पद भी छोड़ना पड़ेगा। आरसीपी इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं। ख़बरों की मानें तो नीतीश कुमार किसी भी क़ीमत पर आरसीपी को राज्यसभा का टिकट नहीं देना चाहते। पिछले कुछ समय से आरसीपी और नीतीश में नाराज़गी देखी गई है। हाल की बात करें तो आरसीपी कई मुद्दों पर भाजपा का समर्थन करते दिखे हैं जबकि उन मुद्दों को नीतीश कुमार ने साम्प्रदायिक बताया है।

बात सिर्फ़ इतनी ही नहीं है, ख़बर ये भी है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव में फिर से खिचड़ी पक रही है। नीतीश कुमार राजद से हाथ मिलाकर सत्ता तेजस्वी यादव को सौंप सकते हैं और ख़ुद राज्यसभा जा सकते हैं। नीतीश पहले भी दिल्ली की राजनीति करने की बात कह चुके हैं। कुछ दिन पहले CBI ने 27 साल पुराने मामले में लालू यादव के घर पर छापेमारी की। इसको भी इसी हलचल से जोड़कर देखा जा रहा है। कई विश्लेषक कह रहे हैं कि ये लालू पर रेड करके नीतीश को मैसेज दिया गया है कि अगर वो राजद के साथ गए तो उन पर भी ऐसी कार्यवाई हो सकती है।

राजद के बड़े नेता भी इन दिनों जदयू की आलोचना करने से बच रहे हैं। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी इस समय कंफ्यूज़ है कि जदयू में बढ़ी हलचल सिर्फ़ आरसीपी सिंह को लेकर है या जदयू राजद के साथ जाने के लिए गेम कर रही है। जहाँ एक तरफ़ नीतीश कुमार भाजपा को उलझाए हुए हैं वहीं एक अन्य सहयोगी जीतन राम माँझी ने NDA की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार NDA में डेमोक्रेसी की कमी है, भाजपा और नीतीश कुमार ख़ुद निर्णय ले रहे हैं, छोटी पार्टियों से वे राय लेना उचित नहीं समझते।

जदयू और राजद की नज़दीकी जातिगत जनगणना के मुद्दे पर होती दिख रही है। राजद लंबे समय से जातिगत जनगणना की माँग कर रही है और कह रही है कि जातिगत जनगणना के हिसाब से हर किसी को हिस्सेदारी मिले। इस मुद्दे पर नीतीश कुमार की जदयू राजद के साथ खड़ी दिख रही है वहीं भाजपा इसके विरोध में है। हालाँकि बिहार भाजपा ने जब दो बड़ी पार्टियों को एक होते देखा तो इस पर बयानबाज़ी रोक दी वहीं भाजपा नेता सुशील मोदी ने इसके समर्थन में बयान दे दिया।

नीतीश कुमार का नया फ़रमान जिसमें उन्होंने जदयू विधायकों को पटना में रहने के लिए कहा है बहुत दिलचस्प है। मीडिया का एक पक्ष कह रहा है कि आरसीपी सिंह के समर्थकों को अपने पक्ष में करने के लिए नीतीश ऐसा कर रहे हैं लेकिन दूसरा पक्ष दावा कर रहा है कि बिहार में जल्द सरकार बदल सकती है।

बात जो भी हो लेकिन आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति में अहम रहेंगे।

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