हैदराबाद: सियासी उठापट’क का ऊंट किस करवट बैठेगा यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन जैसा है, कब और कौन सा मंत्री या विधायक सरकार द्वारा उठाए गए किस क़दम से नाराज़ होकर सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर दे,कहना मुश्किल है. जैसा कि विदित है, कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने रविवार को मंत्रिमंडल में छः नए मंत्रियों को शामिल किया और बारह सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार किया था।

केसीआर मंत्रिमंडल में शामिल 6 नए मंत्रियों में उनके बेटे के टी रामाराव और उनके भांजे टी हरीश राव भी शामिल किए गए हैं।इसके साथ ही प्रदेश मंत्रिमंडल में दो महिलाओं को भी जगह दी गई है इनमें पूर्व मंत्री सबिता इंद्र रेड्डी भी शामिल हैं जिनको मंत्रिमंडल विस्तार में जगह दी गई है। मंत्रिमंडल में 3 नए चेहरों को भी जगह मिली थी।

जिनमें करीम नगर के विधायक गांगुला कमलाकर और खम्मम के विधायक पी. अजय कुमार और वारंगल से विधान परिषद सदस्य सत्यवती राठौड़ शामिल है इस मंत्रिमंडल विस्तार में सब के विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है। जिसमें सबिता इंद्रा रेड्डी को शिक्षा विभाग कमलाकर को बीसी कल्याण, खाद्य और नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता विभाग दिया गया है वहीं अजय कुमार को यातायात विभाग और राठौड़ को अनुसूचित जाति महिला एवं बाल कल्याण विभाग दिया गया है।

अब सरकार का यह मंत्रिमंडल विस्तार सरकार के लिए गले में अटकी ह’ड्डी की तरह हो गया है। जिसको ना उगलते बन रहा है, ना निगलते क्योंकि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के कई विधायक मंत्रिमंडल के विस्तार से नाराज़गी ज़ाहिर कर चुके हैं। जिसकी वजह से उनके पार्टी छो’ड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।

इन्हीं नाराज़ विधायकों में से एक हैं बोधन विधायक शकील अहमद यह ख़बर इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि गुरुवार को विधायक शकील अहमद ने बीजेपी सांसद धर्मपुरी अरविंद से मुलाक़ात की इस मुलाक़ात के बाद से ही विधायक शकील अहमद के बीजेपी में शामिल होने की बातों को हवा मिली है। हालांकि, अधिकारिक तौर पर बोधन विधायक शकील अहमद ने मीडिया को कोई ऐसा बयान नहीं दिया है जिससे की विधायक शक़ील अहमद के बीजेपी में शामिल होने की ख़बरों की पुष्टि हो सके।

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