इ’स्ला’म में कहा गया है कि मौ’त के बाद मर्दों को जन्न’त नसीब होगी। अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि अगर मौ’त के बाद मर्दों को जन्नत में और नसीब होगी तो औरतों को ज’न्न’त में क्या मिलेगा। आज हम इस लेख में इसी मामले पर बात करने वाले हैं। कु’रा’न ह’दी’स में भी इसका जिक्र आता है और इसी के जरिए हमें सवाल का जवाब देने जा रहे हैं।

दरअसल ज’न्न’त में दाखिल होने वाली ख्वा’ती’न को अ’ल्ला’ह ता’ला नए सिरे से पैदा फरमाएगा। आपको बता दें कि जो कुंवारी हालत में जन्नत में दाखिल होंगी। ज’न्नती ख्वा’ती’न अपने शौहरों की हम उम्र होंगे।

ज’न्न’ती क्वा दिल अपने शौहरों से टू’ट कर प्यार करने वाली होंगी। आपको बता दें कि कु’रा’न म’जी’द में इन तमाम बातों को इस तरह से बयान किया गया है कि जन्न’त की बीवियों को हम नए सिरे से पैदा करेंगे और उन्हें बाकिरा बना देंगे।

अपने शौहरों से मु’हब्ब’त करने वालियाँ।(सूरा वाक़िया).जन्नत की खुशियों की तकमील ख़’वा’तीन की रि’फ़ा’क़त में होगी। क़ु’र’आ’न-ए-म’जी’द में इस के मु’ताल्लि’क़ फ़र’मान है।

दाख़िल हो जाओ जन्न’त में तुम और तुम्हारी बीवीयां तुम्हें ख़ुश कर दिया जाएगा। (सूरे जुखरफ) इस आ’यत से यह जा’न पड़ता है कि जन्न’त में दाखिल होने वाली ख्वा’तीन अपनी मर्जी और पसंद के मुताबिक दुनिया भी शौ’हरों की बीवियां बन सकती हैं।

वरना अ’ल्ला’ह ताला उन्हें किसी दूसरे जन्न’ती से ब्याह देगा। जिस ख्वातीन के दो या तीन या इससे ज्यादा शौहर रहे हो। इनको अपनी मर्जी और पसंद के मुताबिक एक के साथ बीवी बनकर रहने का एक इख्ति’यार दिया जाएगा। जिसे वह खुद पसंद कर सकती हैं और वह उसी के साथ रहेंगे।

अ’ल्ला’ह के रसूल स’ल्ल’ल्ला’हू अलेही वस’ल्ल’म ने फरमाया है कि जो औरतें दो या तीन शौ’हरों के साथ रह चुकी हो वह म’रने के बाद जन्नत में दाखिल हो जाती हैं। वह सारे मर्द भी जन्न’त में चले जाते हैं तो उनमें से उनका शौ’हर कौन होगा। इसका जवाब यह है कि वह अच्छे अ’खला’क वाले जिस म’र्द को पसंद करेगी यही उसका शौ’हर होगा।