टाइम्स नाउ पर शो में ग़लत पैनलिस्ट को टार्गेट कर बैठे एंकर की दुनिया भर में किरकिरी, ब्रिटिश साइट ने भी बता दिया..

भारतीय मीडिया में अब बहस का मतलब चीख़ पुकार जैसा हो गया है. पहले तो चार तरह के लोगों को अपने पैनल में बिठाया जाता है और फिर उसके बाद एंकर ख़ुद ही चीख़ पुकार में व्यस्त हो जाता है. हालत ये है कि वो किसी पैनलिस्ट पर दबाव बनाने के उद्देश्य में वो बातें भी भूल जाते हैं जिसको लेकर वो बहस शुरू करते हैं.

इसी में कई बार एंकर कुछ ऐसी ग़लती कर देता है जिसके बाद उसकी बड़ी किरकिरी हो जाती है. हाल ही में एक चर्चा के दौरान टीवी एंकर राहुल शिवशंकर कुछ इसी तरह की ग़लती कर बैठे जिसके बाद उनकी ज़बरदस्त ट्रोलिंग हुई. जब तक राहुल को अपनी ग़लती का एहसास भी हुआ लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। वायरल वीडियो पर खबर लिखते हुए ब्रिटिश न्यूज वेबसाइट ने राहुल शिवशंकर को ‘दक्षिणपंथी’ पत्रकार बता दिया है।

युक्रेन-रूस के बीच चल रहे यु’द्ध पर बातचीत करने के लिए राहुल शिवशंकर ने दो मेहमान बुलाए हुए थे। इसमें से एक डेनियल मैकेडम्स (Daniel McAdams) थे, जो रॉन पॉल इंस्टीट्यूट के एक्जक्यूटिव डायरेक्यर हैं और दूसरे, बोहडन नायलो (Bohdan Nahaylo) थे, जो कीव पोस्ट के चीफ एडिटर हैं। चर्चा के दौरान ही राहुल शिवशंकर ने मैकेडम्स पर भड़कते हुए कहा कि आप आराम की गोली लें।

क़रीब डेढ़ मिनट तक राहुल शिवशंकर मैकेडम्स को संबोधित करते हुए चीखते रहे. राहुल ने मैकेडम्स का नाम लेते हुए कहा,“अगर आपको यूक्रेन की इतनी ही चिंता है तो आपको मैदान में जाकर दुश्मनों से मुकाबला करना चाहिए बजाए इसके आप यहां बैठकर भारत को ज्ञान दे रहे हैं।” काफी देर तक राहुल के गुस्सा होने और चिल्लाने पर मैकेडम्स ने टोकते हुए कहा कि ‘डिअर होस्ट! मैंने अभी तक एक शब्द भी नहीं बोला है, मुझे समझ नहीं आ रहा कि आप मुझ पर क्यों चिल्ला रहे हैं।’


राहुल ने उन्हें जवाब दिया कि मैं आप पर नहीं, मैकेडम्स के बारे में बात कर रहा हूं। राहुल का जवाब सुनकर मैकेडम्स चिल्लाते हुए बोले- मैं ही मैकेडम्स हूं। इसके बाद राहुल समझ पाए कि मैकेडम्स समझकर जिसे वह सुना रहे थे, उनका नाम कुछ और था। इसके बाद राहुल ने इस बात के लिए माफी मांग ली।

हालांकि सोशल मीडिया पर अब ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और अब लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर लिखा कि “मैं मिस्टर मैकएडम्स हूं और मैंने एक शब्द भी नहीं कहा” कई बार मैंने ये क्लिप देखी। यह एक महाकाव्य है और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मनोरंजन करने वाला समाचार है! हे भगवान, श्री मैकेडम्स हम आपकी भावना को समझ सकते हैं।”

पत्रकार आदित्य मेनन ने लिखा कि “मुझे नहीं लगता कि एंकर या मिस्टर मैकएडम्स को कभी इतने व्यूज़ मिले होंगे”। सोशल मीडिया पर इसको लेकर ज़बरदस्त मीम चल रहे हैं. ब्रिटिश न्यूज़ साईट ‘इंडिपेंडेंट’ ने इस खबर को प्रकाशित करते हुए राहुल शिवशंकर को दक्षिणपंथी एंकर बताया है। राहुल शिवशंकर की इस वजह से काफ़ी किरकिरी हो रही है.

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