स’त्ता में आते ही क’र्नाटक की भा’जपा स’रकार ने मु’स्लिमों को दिया पह’ला झ’टका, यह तो होना ही था

August 2, 2019 by No Comments

18वी शताब्दी के मैसूर साम्राज्य के महान शासक टीपू सुल्तान की जयती पर कर्नाटक मे घुमघाम से मनाया जाता था. ये सिलसिला 2015 से लगातार चला आ रहा था लेकिन कर्नाटक मे नई सरकार के आते ही सूबे की नई येदियुरप्पा सर’कार ने इसे बंद करने का ऐलान किया है. हालांकि सर’कार के इस फैसले का काफी विरोध हो रहा है. आपको बता दें कि येदियुरप्पा ने हाल ही में सर’कार मे विश्वास मत हासिल किया था जिसके बाद उन्होंने ये बडा बदलाव ले लिया है.

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ये फैसला काफी बड़ा था. हालाँकि सिद्भारमैया सर’कार ने घुमघाम से मनाने की अनुमति दी थी. चुकि कर्नाटक मे टीपू सुल्तान को लेकर कई विवाद है .कुछ लोग टीपु सूल्तान को एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर देखते हैं जिसने अंग्रेजो की हालत खराब कर दी थी, वहीँ कुछ लोगों का यह भी मानना है कि उन्होंने मज़’हब को जब’रन फैलाने और विस्तार करने का काम किया था. हालाँकि तमाम प्रतिष्ठित इतिहासकारों की नज़र में टीपू सुल्तान पर लगने वाले तमाम आरोप गलत हैं.

जब से ये जयंती मनाने का सिलसिला शुरू हुआ था, तभी से इसे लेकर काफी वि’वाद हो रहा था. विश्व हिं’दु प’रिषद ने इसका विरोध किया था. भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भी इसे रद्द करने की मांग लगातार की जा रही थी और हर साल इसे मुद्दा बनाने का काम किया जा रहा था. हालाँकि अब जब खुद स’त्ता में भा’जपा में है तो ज़ाहिर सी बात है कि उसे तो इसे बंद करना ही था.

और जैसा कि उम्मीद थी, वैसा ही हुआ. हालाँकि सर’कार के इस फैसले को सिद्भारमैया ने अल’पसंख्यक वि’रोधी बताया है. उन्होंने कहा है कि टीपु सुल्तान को अल्पसं’ख्यक वर्ग के लोग काफी मानते है. उन्होंने आगे कहा है कि सर’कार का या फैसला घर्मनिरपेक्ष स्वरुप के विपरीत है. उन्होंने इसकी कड़ी निंदा की है.

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