मुंबई: महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव के बाद राज्य के राजनीतिक समीकरण इस तरह से बदले कि भाजपा और शिवसेना अलग हो गईं और शिवसेना के नेतत्व में महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की सरकार बनी. इस सरकार में कांग्रेस, एनसीपी जैसी सेक्युलर पार्टियाँ हैं. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनी इस सरकार ने भाजपा के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के कई फ़ैसलों पर कैं’ची चलाई है.

अब गठबंधन के साथी रहे बीजेपी की सरकार द्वारा अं’ति’म दिनों में लिए गए फ़ैसलों पर चर्चा करते हुए महाराष्ट्र की महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की सरकार ने आरएसएस से संबंधित नागपुर के शो’ध सं’स्था’न को स्टांप शुल्क से छूट देने का बीजेपी सरकार के फ़ैसले को रद्द कर दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि रा’ष्ट्री’य स्व’यंसे’वक संघ (आरएसएस) की शाखा भारतीय शिक्षा मंडल के नागपुर स्थित पुनरुत्थान शोध संस्थान ने करोल तहसील में बड़े पै’माने पर ज़मीन ख़रीदी है।

Sharad Pawar

ये छूट पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने दी थी।अधिकारी की जानकारी देते हुए कहा कि, ‘105 हेक्टेयर ज़मीन की ख़रीद के लिए 1.5 करोड़ रुपए के स्टांप शुल्क पर दी गई छूट को अब रद्द कर दिया गया है। संस्थान को अब स्टांप शुल्क का भुगतान करना होगा। बता दें कि पूर्व की बीजेपी सरकार द्वारा अंतिम दिनों में लिए गए सभी फैसलों की महाराष्ट्र विकास अघाड़ी पार्टी की सरकार द्वारा समीक्षा की जा रही है।

इसके साथ-साथ लिए गए सभी निर्णयों पर चर्चा भी की जा रही है। महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की सरकार ने कई अहम फ़ैसले ले लिए हैं जैसे आरे जंगल को कथित रूप से नुक़सान करके बन रहे मेट्रो कार शेड को भी फ़िलहाल रोक दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि ये सरकार पिछली सरकार के फ़ैसलों पर समीक्षा करेगी और कई नए और चौंकाने वाले निर्णय लेगी.

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