यूक्रेन और रूस के बीच तुर्की का क्यूँ आया नाम, हारी हुई जंग के बीच तुर्की के…

रूस और यूक्रेन के बीच हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. दोनों देशों के बीच चल रहे इस युद्ध को किसी तरह रोका जाए इसको लेकर वैश्विक समुदाय कोशिश कर रहा है. ख़बर है कि तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लु (Turkish Foreign Minister Mevlut Cavusoglu) ने कहा कि उन्होंने सभी तटीय व गैर-तटीय देशों को चेतावनी दी है कि वह अपने जलसंधि क्षेत्र से किसी भी युद्धपोतों को गुजरने की अनुमति नहीं देंगे।


अनादोलु एजेंसी ने विदेश मंत्री कावुसोग्लू के हवाले से कहा, ‘हमने सभी तटवर्ती और गैर-तटवर्ती देशों को युद्धपोतों को जलसंधि से होकर नहीं जाने की चेतावनी दी है। अभी तक जलसंधि से गुजरने का कोई अनुरोध नहीं किया गया है।’

उल्लेखनीय है कि मॉन्ट्रो समझौता 1936 में अपनाया गया था। यह शांति और युद्ध दोनों समय में व्यापारी जहाजों के लिए जलसंधि/जलडमरूमध्य से गुजरने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है, लेकिन देश के अनुसार नियम भिन्न हो सकते हैं। वहीं मंगलवार के रोज़ यूक्रेन ने दावा किया कि उसने रूस के 100 के क़रीब टैंक और 20 सैन्य वाहन मार गिराए हैं.


यूक्रेन ने दावा किया कि उनकी सेना ने तुर्की के बायरक्तार TB2 ड्रोन की मदद से रूस के 100 टैंक और 20 सैन्य वाहन मार गिराए हैं. बायरक्तार TB2 ड्रोन तुर्की का मीडियम एल्टीट्यूड और लंबे समय तक उड़ान भरने वाला अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) है. इसे रिमोट कंट्रोल से संचालित किया जाता है. यह ड्रोन ऑटोमैटिक भी संचालित हो सकता है. इसे तुर्की की कंपनी बायकार डिफेंस बनाती है.

यूक्रेन से 5 लाख लोगों का पलायन..
संयुक्त राष्ट्र ने एक बयान में कहा है कि अब तक क़रीब 5 लाख से अधिक लोग यूक्रेन छोड़कर पड़ोसी पोलैंड, हंगरी, रोमानिया और स्लोवाकिया जैसे देशों में शरण लेने चले गए हैं. यूक्रेन के पड़ोसी देशों की सीमाओं पर कार और बसों की लम्बी क़तारें लगी हैं. वहीं जो लोग ग़रीब हैं वो पैदल ही दूसरे देशों की ओर बढ़ गए हैं.

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