कहते हैं कि कोई जीत रहा हो तो उसके साथ सब हो जाते हैं वहीं जब हार होने लगती है तो वही साथी सवाल भी उठाने लगते हैं. कुछ यही हाल है भाजपा का. कल चार राज्यों में हुए उपचुनाव के नतीजे आए, इन नतीजों में भाजपा की करारी शिकस्त हुई. हाल ये रहा कि पश्चिम बंगाल की बालीगंज विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी को तीसरे स्थान पर आने के लिए भी बहुत संघर्ष किया.

चार राज्यों की चार विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में किसी भी सीट पर भाजपा अपने प्रतिद्वंदी को टक्कर नहीं दे सकी. भाजपा के इस प्रदर्शन ने पार्टी नेताओं के मन में सवाल पैदा कर दिया कि क्या भाजपा को अब कार्यशैली बदलनी पड़ेगी. सबसे ज़्यादा सवाल पश्चिम बंगाल और बिहार में उठ रहे हैं.

पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहाँ आसनसोल लोकसभा सीट के उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने बड़ी जीत हासिल की वहीं बालीगंज विधानसभा सीट के उपचुनाव में तृणमूल के बाबुल सुप्रियो ने जीत दर्ज की, बालीगंज में दूसरे स्थान पर सीपीआई(एम) प्रत्याशी रहीं. इस हार में सीपीआई(एम) के लिए ख़ुशी ये है कि वो राज्य में फिर वापसी करने की कोशिश अच्छी तरह से कर रही है.

भाजपा को यहाँ बेहद कम वोट मिले और वो तीसरे स्थान पर रही. पश्चिम बंगाल के इस प्रदर्शन पर भाजपा सांसद सौमित्र ख़ान ने अपनी ही पार्टी को आड़े हाथों लिया. खान ने कहा, “हार की उम्मीद पहले से थी। ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा बंगाल ईकाई का नेतृत्व अनुभवहीन नेता कर रहे हैं। जो राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हैं।”

बता दें कि सौमित्र खान 2019 लोकसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनाव लड़ने और जीत हासिल करने के लिए सत्तारूढ़ टीएमसी से काफी चीजें सीखनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने आप को सुधारना होगा नहीं तो पार्टी के पुनरुद्धार का कोई मौका नहीं होगा। वहीं सौमित्र खान के इस बयान पर भाजपा ने कुछ बोलने से इनकार किया है। दूसरी तरफ टीएमसी का कहना है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के खिलाफ भाजपा नहीं लड़ सकती है।

अपने निवास के पास स्थित कालीघाट मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘भाजपा और कांग्रेस ने हम लोगों के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाई। इसके बाद भी राज्य के लोगों ने हम पर विश्वास जताया, इसके लिए मैं राज्य के लोगों को धन्यवाद देती हूं। यह अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ जनता की जीत है।’’

बिहार की बात करें तो बिहार में एक सीट के लिए उपचुनाव था. बोचहाँ विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में राजद के अमर पासवान ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार बेबी कुमारी को 36,653 वोटों के अंतर से हराया। इस पर एनडीए सहयोगी और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा कि इस हार से भाजपा को सीखना चाहिए।

मांझी ने कहा, “उपचुनाव में भाजपा को अमर पासवान को अपना उम्मीदवार बनाना चाहिए था। भाजपा द्वारा उम्मीदवार का गलत चयन किया गया जिसके चलते राजग की हार हुई है।” बोचहाँ सीट पर VVIP उम्मीदवार तीसरे नम्बर पर रहा लेकिन पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी इस बात से ख़ुश रहे कि यहाँ भाजपा हार गई. सहनी ने भाजपा की हार का जश्न मनाया। नतीजे आने के बाद साहनी ने अपने समर्थकों के बीच मिठाई बांटी और उन्हें ‘गुलाल’ लगाया।