उत्तर प्रदेश में कुछ ही दिन पहले सरकार ने शपथ ली है और अभी तक विधायकों के शपथ ग्रहण का सिलसिला जारी है लेकिन सरकार के लिए एक बड़ी मुसीबत सामने आ गई है. उत्तर प्रदेश बोर्ड की इंटरमीडिएट परिक्षा का एक पेपर लीक हो गया है. अंग्रेज़ी विषय के इस पेपर के लीक होने की ख़बर के बाद हड़कंप मच गया.

बोर्ड ने इसके बाद 24 ज़िलों में इस पेपर की परीक्षा रद्द कर दी. जानकारी के मुताबिक़ अब इस पेपर की परिक्षा 13 अप्रैल को सुबह 8 से सवा ग्यारह के बीच होगी. माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जानकारी दी कि अंग्रेज़ी का पेपर पहली पाली में ही होगा. बोर्ड ने आग्रह किया है कि छात्र और परिवारजन परेशान न हों और संयम बरतें.

बोर्ड ने इस सन्दर्भ में एक ईमेल और whatsapp नम्बर भी जारी किया है. बोर्ड ने कहा कि अगर किसी स्टूडेंट को कोई दिक्कत हो या अगर वह कोई जानकारी चाहता है तो upboardexam2022@gmail.com पर संपर्क कर सकता है. इसके साथ ही स्टूडेंट्स 8840850347 के व्हाट्सएप नंबर पर भी मदद ले सकता है. इसके साथ ही कुछ हेल्पलाइन नंबर्स जारी किए गए हैं. बोर्ड के अनुसार 18001805310 और 18001805312 पर संपर्क किया जा सकता है. यह हेल्पलाइन प्रयागराज में स्थापित है.

बोर्ड ने बताया कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट @upboardexam2022 और फेसबुक पेज upboardexam पर भी स्टूडेंट्स संपर्क कर सकते हैं. वहीं लखनऊ में स्थापित हेल्पलाइन पर संपर्क के लिए 18001806607 और 18001806608 पर बात की जा सकती है. वहीं 0522 2237607 पर फैक्स भी कर सकते हैं.

आशंका जताई जा रही है कि पेपर बलिया में लीक हुआ है. लीक होने की ख़बर आते ही बोर्ड ने उन 24 ज़िलों में परीक्षा रद्द कर दी जिनमें यही पेपर परीक्षा में प्रयोग किया जाना था. बोर्ड ने बताया कि आगरा,मैनपुरी,मथुरा,अलीगढ़, गाजियाबाद,बाग़पत, बदायूँ,शाहजहांपुर ,उन्नाव , सीतापुर, ललितपुर , महोबा, जालौन, चित्रकूट , अंबेडकरनगर , प्रतापगढ़, गोंडा, गोरखपुर, आजमगढ़ ,बलिया, वाराणसी, कानपुर देहात, एटा और शामली में अंग्रेजी का पेपर रद्द कर दिया गया है. बाक़ी ज़िलों में परिक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी.

इस ख़बर के सामने आने के बाद विपक्ष सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है.सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस सिलसिले में ट्वीट किया और लिखा,”यूपी बीजेपी सरकार की दूसरी पारी में भी पेपर लीक करवाने का व्यवसाय बदस्तूर जारी है. युवा कह रहे हैं कि रोजगार देने में नाकाम बीजेपी सरकार जानबूझकर किसी परीक्षा को पूर्ण नहीं होने देना चाहती है. बीजेपी सरकार अपने इन पेपर माफियाओं पर दिखाने के लिए सही, कागज का ही बुलडोजर चलवा दे.” उल्लेखनीय है कि भाजपा की पिछली सरकार में भी पेपर लीक की घटनाओं से सरकार को बड़ी आलोचना सुननी पड़ी थी.