भोपाल: मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले काफ़ी कुछ चल रहा है. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इसमें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जी जान लगाये हुए हैं. भाजपा को अगर अपनी सरकार बचानी है तो उसे इस उपचुनाव में ज़्यादा से ज़्यादा सीटें जीतनी होंगी वहीँ कांग्रेस अगर अधिक सीटें जीत लेती है तो उसके लिए सरकार बनाने की संभावना बन सकती है. भाजपा नेता इस बात को जानते हैं कि कोरोना वायरस और दूसरी वजहों से इस समय उनकी पार्टी के लिए उतना अच्छा माहौल नहीं है.

इस बीच भाजपा को एक बड़ा झटका लगा है. सागर के सुरखी विधानसभा क्षेत्र की भाजपा की पूर्व विधायक पारुल साहू ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ के श्यामला हिल्स स्थित आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पारुल साहू ने अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की.

पारुल ने वर्ष 2013 में सुरखी से भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी। पारुल के पिता संतोष साहू कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं. पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पारुल के कांग्रेस में शामिल होने पर कहा कि यह उनकी घर वापसी है। पारुल के पिता कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं, उनके चाचा कांग्रेस के पदाधिकारी हैं. ज्ञात हो कि सुरखी से विधायक रहे मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था और यहां से भाजपा के संभावित उम्मीदवार है। वहीं पारुल साहू उप-चुनाव में सुरखी से कांग्रेस की उम्मीदवार हो सकती हैं.

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