नैनीताल: उत्तराखंड में 14 फ़रवरी को चुनाव होने हैं. राज्य में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं. यहाँ सीधा मुक़ाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है. सियासी समीकरणों के हिसाब से देखें तो हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल ज़िलों में कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां मुस्लिम आबादी का अनुपात अच्छा खासा हैं. ऐसा माना जाता है कि इन इलाक़ों में हार जीत मुस्लिम वोटों के नज़रिए पर निर्भर करती है.

राज्य में हरिद्वार ज़िले में 8 सीटें ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरानकलियर, खानपुर, मंगलौर, लक्सर और हरिद्वार ग्रामीण में मुस्लिम वोटर निर्णायक रहे हैं. ज्वालापुर, भगवानपुर और झबरेड़ा सीटें अनुसूचित जाति के लिए रिज़र्व हैं, इसलिए यहाँ दलित मुस्लिम समीकरण बनता है और अक्सर यहाँ कांग्रेस या बसपा विजयी होती है.

जानकारों के मुताबिक हरिद्वार ज़िले में 34 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम हैं जबकि ऊधमसिंह नगर की जसपुर, किच्छा, काशीपुर, सितारगंज और रुद्रपुर सीटों पर मुस्लिम आबादी का अच्छा अनुपात है. इस लिहाज़ से नैनीताल ज़िले की दो मैदानी सीटें हल्द्वानी और रामनगर भी अहम हैं. आइए 15 खास सीटों को एक नज़र में समझें.

हरिद्वार ग्रामीण में मुसलमानों की अच्छी आबादी की वजह से तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दाँव खेला था. ऐसा माना जाता है कि मुस्लिम समुदाय में हरीश रावत और कांग्रेस की अच्छी पकड़ रही है. हालाँकि सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी के खड़े हो जाने की वजह से उन्हें हार झेलनी पड़ी थी. 2017 में मुकर्रम को 18,383 वोट मिले जबकि रावत को 32,686. बाज़ी बीजेपी के यतीश्वरानंद के हाथ 44,964 वोट के साथ लगी. एक अन्य मुस्लिम प्रत्याशी को 334 वोट ही मिल सके. इस बार यहां मुकाबला यतीश्वरानंद बनाम अनुपमा रावत है, जो हरीश रावत की बेटी हैं.

हरिद्वार ज़िले की मंगलौर पूरी तरह मुस्लिम बहुल सीट है. 2017 में कांग्रेस के काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को 31,352, सरवत करीम अंसारी को 28,684, ऋषिपाल बालियान को 16,964 और अन्य मुस्लिम प्रत्याशी को 143 वोट मिले थे. इस सीट पर सिटिंग विधायक काजी निज़ामुद्दीन इस बार भी मुख्य प्रत्याशी हैं.

हरिद्वार ज़िले की पिरान कलियर सीट पूरी तरह मुस्लिम प्रभाव वाली सीट कही जाती है. पिछले चुनाव में कांग्रेस के फुरकान अहमद को 29,243, जय भगवान को 27,894, शहजाद को 23,814, राव साजिद को 6188 वोट मिले थे. कांग्रेस ने यहां से अपने सिटिंग विधायक फुरकान अहमद को ही टिकट दिया है.

हरिद्वार ज़िले की लक्सर सीट पर 45 हजार से ज्यादा मुस्लिम मतदाता निर्णायक साबित होते रहे हैं. 2017 में बीजेपी के संजय गुप्ता को 25,248, हाजी तस्लीम अहमद को 23,644, सुभाष सिंह चौधरी को 19,656 और एक अन्य मुस्लिम प्रत्याशी को 94 वोट मिले थे. यहां इस बार भी मुकाबला भाजपा बनाम कांग्रेस ही खास होगा.

हरिद्वार ज़िले की खानपुर सीट पर मुस्लिम वोटर ही विधायक तय करते रहे हैं. हालांकि 2017 में कांगेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए कुंवर प्रणव चैंपियन 53,192 वोट से विधायक बने थे जबकि विरोधी मुफ्ती रियासत अली को 39,457, एक अन्य मुस्लिम प्रत्याशी को 132 वोट मिले थे. खानपुर से बीजेपी ने इस बार चैंपियन की पत्नी कुंवरानी देवयानी को उम्मीदवार बनाया है.