आजमगढ़ मऊ MLC चुनाव में भी बीजेपी हार गई है यहां बीजेपी के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत सिंह रिशु चुनाव जीत गए यहां बीजेपी ने सपा विधायक रमाकांत यादव के बेटे अरुणकांत पर दांव लगाया था बता दें कि विक्रांत सिंह रिशु के पिता यशवंत सिंह बीजेपी MLC रहे हैं चुनाव के वक़्त बीजेपी यशवंत सिंह को पहले ही छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था।

निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत सिंह रिशु ने 2814 मतों के अंतर से बीजेपी प्रत्याशी अरुण कांत यादव को हराया विक्रांत सिंह रिशु को 4076 मत मिला, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अरुण कांत यादव को 1262 मत पाकर संतोष करना पड़ा। आजमगढ़ की दसों विधानसभा सीट जीतने वाली समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राकेश यादव गुड्डू की जमानत जप्त हो गई उन्हें मात्र 356 मत मिला।

चुनाव जीतने के बाद काउंटिंग स्थल के बाहर आए विक्रांत सिंह रिशु ने कहा कि दोनों जनपदों आजमगढ़ और मऊ के लोगों का उन्हें प्यार और आशीर्वाद मिला है उस पर खरा उतरने के पूरा संभव प्रयास करेंगे। वही दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी अरूण कांत यादव ने बड़ा आरोप लगाते हए का उन्हें पार्टी का समर्थन नही मिला आपको बता दें कि अरुणकांत सपा विधायक रमाकान्त यादव के पुत्र हैं।

वाराणसी में भी हारी भाजपा..

उत्तर प्रदेश में आज विधान परिषद चुनाव के नतीजे आ रहे हैं. नतीजे आने के बाद सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपनी पार्टी की परफॉरमेंस से नाराज़ हैं. कई कार्यकर्ता ये कह रहे हैं कि जो लोग एमएलसी का टिकट लेकर चुनाव मैदान में गए हैं उनके पास लोग ही नहीं हैं. सपा जैसी मज़बूत पार्टी में इस तरह के लोगों की एहमीयत पर सवाल खड़ा किया जा रहा है.

सपा जहाँ अपनी परफॉरमेंस से आलोचना झेल रही हैं वहीं भाजपा ने इस चुनाव में शानदार परफॉरमेंस की है. भाजपा को जहां प्रदेश भर में अच्छी कामयाबी मिली है वहीं उसके लिए बड़ी हार कहीं और से नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से आई है. इस हार ने भाजपा के लिए कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

भाजपा के गढ़ और पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भगवा पार्टी को बड़ा झटका लगा है। वाराणसी में भाजपा के प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे। इस सीट से बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह ने निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। अन्नपूर्णा सिंह को प्रथम वरीयता के 4234, उमेश यादव को 345 और डॉ. सुदामा पटेल को महज 170 मत मिले।