कानपुर ह’त्याकां’ड ( kanpur murder case) के मुख्य आरो’पी विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से ग्रि’फ्तार किया गया था। विकास दुबे को उज्जैन से लाते वक़्त उनकी कार के साथ दु’र्घट’ना हुई और कार पलट गयी जिसके बाद विकास दुबे ने वहां से भागने की कोशिश की और पु’लिस के साथ मुठभे’ड़ में मा’रा गया। पु’लिस द्वारा किये गए विकास दुबे के एनका’उंटर पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि, दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है। इस बात को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने ट्वीटर अककॉउंट पर ट्वीट कर के कहा है। अखिलेश यादव के अलावा और भी बहुत से नेताओं ने जैसे मायावती प्रियंका गांधी, दिग्विजय सिंह और भी दूसरे नेताओ ने इस पर प्रतिक्रिया दी हैं। मायावती ने इसे लेकर सुप्रीम को’र्ट की निगरानी में निष्पक्ष जां’च की मांग की है।

विकास दुबे के एनका’उंटर पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, “कानपुर पु’लिस ह’त्याकां’ड की तथा साथ ही इसके मुख्य आरो’पी दुर्दान्त विकास दुबे को मध्यप्रदेश से कानपुर लाते समय आज पु’लिस की गाड़ी के पलटने व उसके भागने पर यूपी पु’लिस द्वारा उसे मा’र गिराए जाने आदि के समस्त मामलों की माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जां’च होनी चाहिए। यह उच्च-स्तरीय जां’च इसलिए भी जरूरी है ताकि कानपुर नरसंहार में शही’द हुए 8 पु’लिसक’र्मियों के परिवार को सही इंसाफ मिल सके। साथ ही, पु’लिस व आपराधिक राजनीतिक तत्वों के गठजोड़ की भी सही शिनाख्त करके उन्हें भी सख्त स’जा दिलाई जा सके। ऐसे कदमों से ही यूपी अपराध-मुक्त हो सकता है।”

कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी ने विकास दुबे के एनका’उंटर पर अपने ट्वीटर अककॉउंट पर ट्वीट कर कहा कि, “अपरा’धी का अंत हो गया, अप’राध और उसको संरक्षण देने वाले लोगों का क्या?” इसी के चलते कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने विकास दुबे के एनका’उंटर पर कहा कि, विकास दुबे एनका’उंटर में मा’रा गया। कई लोगों ने पहले ही ये आशंका जताई थी। पर अनेकों सवाल छूट गए हैं जैसे अगर उसे भागना ही था, तो उज्जैन में सरें’डर ही क्यों किया? उस अपरा’धी के पास क्या राज थे जो सत्ता-शासन से गठजोड़ को उजागर करते? पिछले 10 दिनों की कॉल डिटेल जारी क्यों नहीं? विकास दुबे के एनका’उंटर पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि, “म’रे हुए लोग कोई कहानी नहीं सुनाते।”

पु’लिस के साथ हुई मुठभेड़ में विकास दुबे के एनका’उंटर पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “कानून ने अपना काम किया है। अफसोस और मात’म की बात उन लोगों के लिए होगी जो कल उसके पकड़ने जाने पर कह रहे थे कि जिंदा क्यों पकड़ लिया? आज म’र गया तो कह रहे हैं कि म’र कैसे गया कई राज दफ’न हो गए। मध्य प्रदेश की पु’लिस ने अपना काम किया, उसे गि’रफ्तार करके यूपी पु’लिस के हवा’ले कर दिया।” मध्य प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने इसे लेकर कहा, “जिसका श’क था वह हो गया। विकास दुबे का किन किन राजनैतिक लोगों से, पु’लिस व अन्य शासकीय अधिकारियों से उसका संपर्क था, अब उजागर नहीं हो पाएगा। पिछले 3-4 दिनों में विकास दुबे के 2 अन्य साथियों का भी एनका’उंटर हुआ है, लेकिन तीनों एनका’उंटर का पैटर्न एक समान क्यों है?”

कांग्रेस के नेता राज बब्बर ने अपने ट्वीटर अककॉउंट पर ट्वीट कर कहा कि, “अपरा’धियों के पकड़े जाने के बाद उन्हें अदालती प्रक्रिया तक नहीं पहुंचा पाना पूरी व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करता है।” प्रियंका चतुर्वेदी जो कि शिवसेना की नेता है उन्होंने कहा कि, न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी। और राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजप्रताप यादव ने कहा कि सरकार को पलटने से बचाने के लिए कार का पलटना जरूरी था। विकास दुबे के एनका’उंटर को लेकर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के नेता जयंत चौधरी ने कहा, “विकास दुबे के एनका’उंटर के बाद देश के सारे न्यायाधीशों को इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा के ठोक दो राज में अदालत की जरूरत ही नहीं है! 8 पु’लिसक’र्मियों के ह’त्या के असली अपरा’धियों को बचाने के लिए ये सब ड्रामा रचा गया है!”

मनोज झा जो की राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद हैं उन्होंने विकास दुबे के एनका’उंटर पर कहा कि, “अगर विकास दुबे की एनका’उंटर में मौ’त की खबर सच है तो मान लीजिए पूरे सिंडिकेट के काले सच का भी एनका’उंटर कर दिया गया। सिस्टम ने अपने को नंगा होने से बचा लिया। कल के महाकाल मंदिर के विजुअल्स से लेकर अब तक कि कथा कितनी मासूम है..इसे ही अंतिम सत्य मान आगे बढ़िए।” भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा कि, एक बात तो तय है कि योगी आदित्यनाथ जी की सरकार में कानू’न का राज होगा और गुं’डों को बख्शा नहीं जाएगा। कानू’न का ड’र अच्छा है।

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