मशहूर भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी मुहम्मद शमी फिर से मुसीबत में फँ’सते नज़र आ रहे हैं. शमी के ख़िलाफ़ कोलकाता की एक अदालत ने अरे’स्ट वा’रंट जारी कर दिया है. ये वारंट घरेलू हिंसा से जुड़े मामले में निकाला गया है. अदालत ने शमी को सरें’डर करने के लिए 15 दिन की मुहलत दी है. अब इस फ़ैसले पर उनकी पत्नी का बयान आया है. शमी की पत्नी हसीन जहाँ ने कहा है कि वो इस फ़ैसले के लिए देश की न्याय व्यवस्था की आभारी हैं.

जहाँ ने कहा कि मैं न्याय व्यवस्था की आभारी हूं। मैं एक साल से ज्यादा समय से न्याय के लिए लड़ाई लड़ रही हूं। आप सब जानते हैं कि शमी सोच रहा है कि वो बड़ा क्रिकेटर है तो बहुत ताकतवर है। ऐसा नहीं है। वो आगे कहती हैं कि अगर मैं पश्चिम बंगाल से नहीं होती, ममता बनर्जी हमारी सीएम नहीं होतीं तो मैं यहां सुरक्षित रूप से नहीं रह पाती। अमरोहा (उत्तर प्रदेश) पुलिस ने मुझे और मेरी बेटी को खूब परेशान करने की कोशिश की थी, भगवान की कृपा थी कि वे सफल नहीं हुए।

आपको बता दें कि इस समय मुहम्मद शमी वेस्ट इंडीज़ में हैं. वो क्रिकेट खेलने के लिए वहाँ पहुँचे थे. आपको बता दें कि कलकत्ता की अलीपुर अदालत ने तेज़ गेंदबाज़ शमी के ख़िलाफ़ घरेलू हिंसा के मामले में गि’रफ़्तारी वारंट जारी कर दिया है. हसीन जहाँ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी तारीफ़ की और उत्तर प्रदेश की पुलिस की आलोचना की.

जहाँ ने कहा कि अगर मैं पश्चिम बंगाल की न होती और हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी न होतीं तो मैं आज सही सलामत न रह रही होती. उन्होंने दावा किया कि अमरोहा की पुलिस ने मुझे और मेरी बच्ची को प्रताड़ना देने की कोशिश की..उन्होंने कहा कि अल्लाह की मर्ज़ी थी कि वो सफल नहीं हो सके.

वहीं, BCCI ने इस बारे में बयान दिया है कि अभी वो इस मामले में कोई कार्यवाई नहीं करेंगे क्यूँ अभी एक्शन लेना जल्दबाज़ी होगी.बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि एक बार चार्जशीट देखने के बाद ही हम कोई फैसला ले पाएंगे। एक अधिकारी ने इस बारे में कहा कि हम समझते हैं कि गिरफ्ता’री वारंट जारी किया गया है, लेकिन हमें नहीं लगता कि हमें अभी इस मामले में दखल देने की जरूरत है।

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