पूर्व भारतीय ओपनिंग बल्लेबाज़ 41 वर्षीय वसीम जाफ़र ने अपनी उम्र को महज़ एक नंबर साबित करते हुए, रणजी ट्रॉफी मैच में अपने खेल से एक ऐसे ऐतिहासिक पन्ने पर दस्तख़त किए हैं, जहां तक ना तो महान बल्लेबाज़ और क्रिकेट के भगवान की उपाधि पा चुके सचिन तेंदुलकर पहुंच सके हैं, और ना ही पहली बार भारत के लिए वर्ल्ड कप का गौरव हासिल करने वाले कपिल देव ही पहुंच सके।

अपने करिश्माई खेल के बलबूते वसीम जाफ़र एकमात्र ऐसे बल्लेबाज़ बन गए हैं, जिन्होंने 150 रणजी मैच खेले हैं। बता दें कि पिछले 2 वर्षों में विदर्भ को ख़िताब से नवाज़ने वाले वसीम जाफ़र ने आंध्र प्रदेश के ख़िलाफ़ ग्रुप ‘ए’ के मैच में इस उपलब्धि पर अपना नाम लिखा। और वसीम जाफ़र यहीं पर रुकने वाले नहीं हैं, अब उनकी नज़रें लगातार तीसरी बार ख़िताबी हैट्रिक जड़कर एक और उपलब्धि हासिल करने पर, और विदर्भ को तीसरी बार ख़िताब दिलाकर जश्न मनाने पर टिकी हैं। उल्लेखनीय है कि, जाफ़र ने कुल 253 प्रथम श्रेणी के मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 19,147 रन बनाए हैं। और इन रनों में 57 शतक, और 88 अर्धशतक का योगदान है। और 20 हज़ार रनों का आंकड़ा छूने से बस 853 रन ही दूर हैं।

और बात करें रणजी ट्रॉफी मैच की तो सबसे ज़्यादा रणजी मैच खेलने वालों में वसीम जाफ़र के बाद नंबर आता है, मध्य प्रदेश के देवेंद्र बुंदेला का और तीसरे स्थान पर हैं, अमोल मजूमदार। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ वसीम जाफ़र अपने लक्ष्य विदर्भ को तीसरी बार ख़िताब दिलाने की राह पर पूरी शिद्दत से चल पड़े हैं। ख़िताब मिलता है या नहीं, यह तो भविष्य में छुपा है लेकिन स्टंप उखड़ने तक विदर्भ ने बिना कोई विकेट खोए 26 रन बना लिए हैं।

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