जितेंद्र त्यागी जेल जाने से पहले बोला सनातन धर्म अपनाकर अकेला हो गया हूं, अखाड़ा परिषद ने कहा हम…

September 2, 2022 by No Comments

हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में अम’र्यादित भाषण देने के मामले में तीन महीने की अंतरिम जमानत अवधि पूरी होने के बाद शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में आत्मस’मर्पण कर दिया। अदालत ने जितेंद्र नारायण त्यागी को रोशनाबाद स्थित जेल भेजा है। जिला जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से त्यागी जेल में अलग बैरक में रहेगा ।

आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र त्यागी को मेडिकल ग्राउंड पर 17 मई को तीन महीने की अंतरिम जमानत दी थी। उसके वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कोर्ट को बताया था कि त्यागी हृदय रोग समेत कई बीमारियों से पीड़ित हैं। अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होने पर सुप्रीम कोर्ट ने 29 अगस्त को त्यागी को दो सितंबर तक हरिद्वार जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया था।

जितेंद्र त्यागी अपने एक बयान में कहा कि जब से सनातन धर्म अपनाया है कुछ लोग उनके पीछे पड़ गए हैं। इस लड़ाई में अकेले हो गए हैं। वही त्यागी ने आ’रोप लगाया कि ज्वालापुर के कुछ लोगों ने रोशनाबाद जेल के अंदर उनको मा’रने की साजिश बनाई थी, लेकिन जेल प्रशासन की सतर्कता और सख्ती से साजिश कामयाब नहीं हुई।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी ने कहा है कि आज जब जितेंद्र नारायण त्यागी एक बार फिर जेल रहा जा रहे हैं तो हम सब का मन दुखी है कि आखिर हिंदू धर्म में आकर वसीम रिजवी जो अब जितेंद्र नारायण त्यागी बन गए हैं, उन्हें मिला क्या, हम सबको जितेंद्र नारायण त्यागी का साथ देना चाहिए था जो हम सबने नहीं दिया

वही भारतीय मुस्लिम शिया इस्ना आशारी जमात द्वारा दायर याचिका में कहा गया है, याचिका में जितेंद्र त्यागी की किताब ‘मोहम्मद’ पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की गई थी. याचिका में कहा गया है,इसके कवर और कंटेट समेत पुस्तक ने इस्लाम धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को आहत पहुंचाया है. यह किताब अपमानजनक और भारत में धार्मिक एकता और सद्भाव के ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रही है।

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