जानें उन औरतों की ख़ास पहचान, जो गैर मर्दों से संबंध नहीं रखती, शौहर जरूर पढ़ें…

October 24, 2021 by No Comments

अल्लाह को पाने के तीन तरीके हैं इरादा, इल्म, और मोहब्बत, उनमें से आसान तरीका रास्ता मोहब्बत का है। अल्लाह से प्यार पा लें। वह आपको मिल जाएगा इबादत से बुज़रुगी मिलती है। जब नेकी से रब मिलता है अगर अल्लाह को पाना है इसके करीब जाना है। उस से दोस्ती करनी है तो उसके बंदे पर मेहरबान हो जाए।

जब इंसान अल्लाह के इश्क में डूब जाता है। तब वो अपने रब से बातचीत करता है वह दुआ के लिए हाथ उठाता है तो दुनिया मांगना भूल जाता है उसे सिर्फ रब याद रहता है। जब सारी दुनिया में फेर लेती है तो अल्लाह उस वक्त भी उसके साथ होता है। दुआ का मर्तबा यह है कि जहां कोशिश नहीं पहुंचा कि वहां दुआ पहुंचाएगी।

अल्लाह पाक उन दोनों को भी सुनता है। जिनको हम कभी नही मांगे रहते हैं अल्लाह की मोहब्बत व्व मोहब्बत है। जो सीख जाता है वो जीत जाता है। तौबा करते हुए इतना याद रखो कि अल्लाह 70 माँओं से ज्यादा प्यार करता है। जो औरतें गैर मर्दों से रिश्ता नहीं रखती उनकी खास पहचान ये होती है।

वह किसी गैर मर्द को अपनी तरफ देखने पर ध्यान नहीं देती और वो अपने काम से काम रखती हैं। अल्लाह जब किसी की मदद करने पर आता है। ऐसे हालात पैदा करता है जिसको आदमी को सोच भी नहीं सकता है।

अपने किसी नुकसान पर हरगिज परेशान ना हुआ करें। क्योंकि अल्लाह आपसे उस वक्त तक कुछ वापस नहीं लेता। जब तक उससे बेहतर आपको ना दे दे मेरा नसीब मेरे रब ने लिखा है यह गलत हो ही नहीं सकता। मेरी मुश्किलों से कह दो मेरा अल्लाह बहुत बड़ा है।

अल्लाह पर यकीन सख्त अंधेरे में भी रोशनी पैदा कर देता है। लोग हैं कि जो साथ छोड़ जाते हैं लेकिन अल्लाह की ज़ात हमेशा साथ रहती है। जब कोई हाथ और साथ दोनों छोड़ देता है तब अल्लाह कोई ना कोई अंगुली पकड़ने वाला भेज ही देता है। जब अल्लाह का करम हो जाता है। तो वसीले भी बन जाते हैं और मांगने का तरीका भी आ जाता है।

जब ठोकर खाकर भी न गिरे तो समझ लो दुआ ने थाम लिया है। पूरी दुनिया के निजाम ही अल्लाह की मोहब्बत का अक्स है। फिर भी ना जाने मोहब्बत में लोगों की सोच मर्द और औरत के साथ ही महदूद रहती है।

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