पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने मोदी सर’कार को आ’ड़े हाथों लेते हुए उन्हें आईना दिखाने की कोशिश की है। गिरती हुई जीडीपी और अर्थव्यवस्था की अं’तही’न मं’दी के लिए ज़ि’म्मेदार ठ’हराते हुए क’ड़ी फट’कार लगाई है। अगर आधिकारिक आंकड़ों की बात की जाए, तो देश की जीडीपी वृद्धि द’र में लगातार गि’रावट दर्ज हुई है। और अब यह चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में गिरकर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है।

पूर्व वित्त मंत्री यश’वंत सिन्हा ने देश के आ’र्थिक हाला’त पर चिं’ता व्यक्त करते हुए कहा कि “तथ्य यह है कि हम गंभी’र संक’ट में हैं।’ अगली तिमाही या फिर उसके बाद की तिमाही बेहतर होगी, यह सब सिर्फ़ खो’खली बातें हैं, जो पूरी होने वाली नहीं हैं। बार-बार यह कहकर सर’कार लोगों को मू’र्ख बनाने की कोशिश कर रही है कि अगली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर बे’हतर हो जाएगी” पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में अपने संबो’धन के दौ’रान कहा कि “इस तरह के संक’ट को समा’प्त होने में तीन से चार साल या फिर पांच साल भी लग सकते हैं। इस संक’ट को किसी जादू की छ’ड़ी से दू’र नहीं किया जा सकता है”

उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय ‘मां’ग के ख़ा’त्मे’ की स्थि’ति में पहुंच चुकी है। यह स्थि’ति कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्र से शुरू होकर, असं’गठित क्षे’त्र तक पहुंची, और अब इसकी चपेट में कारपोरेट क्षे’त्र भी आ गया है। पूर्व वित्त मंत्री ने ज़ि’क्र किया कि, उन्होंने साल 2017 में ही भां’प लिया था और इसकी चेतावनी भी दी थी कि अर्थव्यवस्था पत’न की ओर जा रही है। लेकिन उस समय उनकी चेता’वनी को यह कहकर नज़’रअं’दाज़ कर दिया गया था कि एक 80 साल का शख़्स नौकरी की तला’श कर रहा है”

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