सीएम येदियुरप्पा की बढ़ी मुश्किल, ‘ऑपरेशन लोटस’ मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

April 1, 2021 by No Comments

देश में हो रहे विधानसभा चुनावों के बीच कर्नाटक से एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर के मुताबिक कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। दरअसल बीते कुछ समय से ही कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के पद पर खतरे के बादल मंडरा रहे थे।

अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऑपरेशन लोटस केस में येदियुरप्पा सरकार को बड़ा झटका दिया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा की भूमिका की जांच करने की अनुमति दे दी है। दरअसल कोर्ट ने जनता दल सेकुलर के नेता नागंगौडा पाटिल के बेटे शरणागौड़ा पाटिल की ओर से दायर एफआईआर की जांच की अनुमति दी है।

आपको बता दें मुख्यमंत्री येदियुरप्‍पा पर आ’रोप है कि प्रदेश की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को गिराने के लिए उन्‍होंने सा’जिश रची थी।इस मामले में साल 2019 में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का एक ऑडियो टेप वा’यरल हुआ था। जिसमें उन्हें जनता दल सेकुलर के विधायकों को पैसे और पद देने की कोशिश करते हुए सुना गया था।

मुख्यमंत्री येदियुरप्पा एक विधायक के बेटे को इस बात के लिए मना रहे थे कि वह अपने पिता से इस्तीफा दिलवा दे और फिर राजनीतिक पार्टी बदल लें। बताया जाता है कि अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा पर लगे आरोपों की जांच के लिए अनुमति दे दी है।

8 फरवरी, 2019 को, तत्कालीन कर्नाटक के मुख्यमंत्री और जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी ने राज्य के भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा और शरणागौड़ा के बीच एक कथित बातचीत के ऑडियो टैप को जारी किया था। फोन कॉल में, येदियुरप्पा ने कथित तौर पर जेडीएस के विधायकों को पैसे और कैबिनेट सीट देने की कोशिश की।

उन्होंने कथित तौर पर शरणागौड़ा को 25 करोड़ रुपये और अपने पिता के लिए एक मंत्री पद की पेशकश की थी। येदियुरप्पा को कथित रूप से यह कहते हुए भी सुना गया कि गठबंधन सरकार के 12-13 विधायक कर्नाटक में भाजपा सरकार को अस्थिर करने में मदद करने के लिए तैयार थे।

एक अन्य भाजपा विधायक शिवनगौड़ा नायक जिन्होंने बीएस येदियुरप्पा और शरणागौड़ा के बीच बैठक का आयोजन किया था। इन्हें भी कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया था कि स्पीकर के बदले में विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने के लिए 50 करोड़ लिए थे।

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