योगी सरकार का गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को लेकर उठाया क़दम, इन चीजों का लगाया जाएगा पता…

September 1, 2022 by No Comments

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ मदरसों को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है खबरों के अनुसार राज्य में जितने गैर-मान्यता प्राप्त मदरसें हैं उनका सर्वेक्षण की जायेगी ताकि शिक्षकों की संख्या, और क्या पढ़ाया जा रहा है उसकी जांच होगी उसके अलावा वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।

राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि राज्य सरकार ने मदरसों में छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के सिलसिले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अपेक्षा के मुताबिक, प्रदेश के सभी गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वेक्षण कराने का फैसला किया है. इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा।

दानिश आज़ाद ने कहा कि सर्वेक्षण में मदरसे का नाम और इसे संचालित करने वाली संस्था का नाम, चाहे वह निजी या किराए के भवन में चल रहा हो, वहां पढ़ने वाले छात्रों की संख्या और पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और बिजली आपूर्ति की सुविधाओं के बारे में जानकारी एकत्र की जाएगी मदरसे में शिक्षकों की संख्या, उसके पाठ्यक्रम, आय के स्रोत और किसी गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से उसके जुड़ाव के बारे में भी जानकारी एकत्र की जाएगी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य सरकार इस सर्वेक्षण के बाद नए मदरसों को मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू करेगी, तो राज्य मंत्री ने कहा कि अभी सरकार का मकसद सिर्फ गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के बारे में सूचनाएं इकट्ठा करना है उत्तर प्रदेश में इस वक्त कुल 16 हजार 461 मदरसे चल रहे हैं. इनमें से 560 को सरकारी अनुदान दिया जाता है.प्रदेश में पिछले छह साल से नए मदरसों को अनुदान सूची में नहीं लिया गया है।

मंत्री ने कहा कि बुधवार को जारी आदेश के अनुसार मदरसों में विवादित प्रबंधन समिति या समिति के किसी सदस्य की अनुपस्थिति की स्थिति में मदरसा प्राचार्य एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मृतक आश्रित कोटे से नियुक्तियां कर सकेंगे। पहले यदि प्रबंध समिति में कोई समस्या आती थी तो मृतक के आश्रित को नौकरी पाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था।

अंसारी ने कहा कि सहायता प्राप्त मदरसों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के आवेदन के आधार पर अब संबंधित मदरसों के प्रबंधकों की सहमति और राज्य मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार की मंजूरी से उनका तबादला किया जा सकता है उन्होंने कहा कि मदरसों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को भी मैटरनिटी लीव और चाइल्ड केयर लीव नियमानुसार मिलेगी।

इस बीच, शिक्षक संघ मदारिस अरबिया के महासचिव दीवान साहब जमां ने राज्य सरकार के इन फैसलों का स्वागत किया और कहा कि इससे मदरसा शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को लाभ होगा।

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