योगी सरकार ने पंचायत में करप्शन रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला किया है.अब प्रधानों के कार्यकाल में आवंटित और आहरित धनराशि की जांच सरकार कराएगी.कमियां मिलने पर ग्राम प्रधानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.ग्राम प्रधानों को आवंटित और 25 दिसंबर तक निकाली गई धनराशि से कराए गए कामो का सत्यापन का सरकार ने फैसला किया है.

बता दें कि 25 दिसंबर को प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया है.अब 58 हजार गांवों में प्रधान पर खाली है.इसके बाद शनिवार से ग्राम पंचायत का काम एडिशनल डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर को सौंप दिए गए हैं.यही अधिकारी पंचायत के विकास के लिए काम करेंगे.साथ ही लोगों की समस्याओं का निवारण भी करेंगे.

यूपी पंचायत चुनाव इस बार बैलेट पेपर से कराए जाएंगे.इसको लेकर इलेक्शन कमीशन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं.जिलों पर बैलट भेजे जाने लगे हैं. गौरतलब है कि इस बार ग्राम प्रधान,ग्राम पंचायत सदस्य,क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे.

परधानी चुनाव में शैक्षिक अहर्ता
लड़ने वालों के लिए दो बच्चों और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता अनिवार्य करने को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं.हालांकि,पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह के मुताबिक, यूपी सरकार ने अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है. अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है,लेकिन ये सब मुख्यमंत्री के संज्ञान में है.उन्हें इस पर निर्णय लेना है.

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