ज़ी न्यूज़ एंकर रोहित रंजन के वकील को सुप्रीम कोर्ट से मिली फ’टकार,”गाउन पहन लिया और आ..”

July 6, 2022 by No Comments

नई दिल्ली: राहुल गांधी के ख़िलाफ़ ग़लत न्यूज़ प्रसारित करने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है. ज़ी न्यूज़ के एंकर रोहित रंजन ने एक कार्यक्रम के दौरान राहुल के एक बयान को ग़लत ढंग से पेश किया था. इसके बाद कांग्रेस के नेताओं ने रोहित रंजन के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराईं. राहुल गांधी ने केरल में एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने SFI कार्यकर्ताओं को बच्चा बताया था लेकिन ज़ी न्यूज़ के एंकर रोहित रंजन ने एक कार्यक्रम के दौरान इस बयान को इस तरह दिखाया मानो राहुल उदयपुर के ह’त्यारों को बच्चा बता रहे हों. रोहित ने बाद में इसको लेकर खेद जताया.

अपने आप को गिरफ़्तारी से बचाने के लिए रोहित सुप्रीम कोर्ट के दरवाज़े पर पहुँचे हैं.हालाँकि उनके वकील को सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगा दी है. वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा उनकी ओर से पेश हुए लेकिन इस मामले को रजिस्टर न कराए जाने के बाद भी अर्जेंट हियरिंग की माँग कर रहे वकील को सुप्रीम कोर्ट ने फ’टकार लगा दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये क्या है. जस्टिस इन्द्रानी बनर्जी ने कहा कि सिर्फ़ एक इम्तिहान पास करने और गाउन पहन लेने के बाद आपने अदालत में आना शुरू कर दिया.

रोहित ने की बड़ी ग़लती, बाद में जता दिया खेद..

रोहित रंजन की इस बड़ी ग़लती के बाद उन्होंने खेद व्यक्त किया लेकिन कांग्रेस नेता मानते हैं कि ये जानबूझकर की गई ग़लती है. इसके ज़रिए पहले जनता के मन में ग़लत बात डाली गई और फिर चुपके से खेद व्यक्त कर लिया गया. वहीं रोहित रंजन को लेकर के छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश पु’लिस में भी ख़ूब बहस हुई.

इसके बाद रोहित रंजन के ख़िलाफ़ FIR दर्ज हुई और छत्तीसगढ़ पु’लिस उन्हें गिरफ़्तार करने नॉएडा पहुँची लेकिन तभी उत्तर प्रदेश पुलि’स भी वहाँ पहुँच गई. पहले ग़ाज़ियाबाद पुलि’स और छत्तीसगढ़ पु’लिस में ज़ोरदार बहस हुई, हालत ये थी कि दोनों राज्यों की पुलि’स में लगभग छीना-झपटी की स्थिति रही कि कौन रोहित को गिरफ़्तार करेगा.

इसके बाद नॉएडा पु’लिस की एंट्री हुई और उसने रोहित को गिर’फ़्तार कर लिया. पुलि’स ने रोहित को हिरासत में लिया लेकिन कुछ ही देर में उन्हें रिहाई भी मिल गई. अब कांग्रेस का कहना है कि उत्तर प्रदेश पुलि’स ने रोहित को छत्तीसगढ़ पु’लिस की गिर’फ़्तारी से बचाया और एक हल्के केस में हिरासत में लेकर छोड़ दिया. रोहित इसके बाद से ग़ायब हैं.

छत्तीसगढ़ पुलि’स ने रोहित रंजन को गिरफ़्तार करने के लिए अपना जाल बिछाया हुआ है. ख़बर ये भी है कि छत्तीसगढ़ पु’लिस ने रोहित को फ़रार घोषित कर दिया है. रोहित रंजन अब कोशिश में हैं कि किसी तरह उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम ज़मानत मिल जाए. रोहित रंजन ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. रोहित रंजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा, ‘उन्हें मंगलवार को नोएडा पुलि’स ने गि’रफ़्तार किया था, उसके बाद उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया. उनके शो में एक ग़लती चली गई थी. अब छत्तीसगढ़ पुलि’स उन्हें गिर’फ़्तार करनी चाहती है. इस पर जल्द सुनवाई हो, वरना उन्हें बार-बार हिरासत में लिया जाएगा. उनके ख़िलाफ़ इस मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं.’

सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया और गुरुवार को सुनवाई का दिन तय हुआ लेकिन बाद में मालूम हुआ कि याचिका को अभी तक रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं किया गया है. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने कहा कि इस याचिका को ना तो रिकॉर्ड में दर्ज कराया गया और ना ही याचिका दाखिल की गई है. इस पर रंजन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने पीठ से माफी मांगी.

इसके बाद जस्टिस बनर्जी ने कहा कि हमें बताया जाना चाहिए था कि मामले को दर्ज नहीं किया गया है. यह कोई आधार नहीं है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रोहित रंजन की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होगी या नहीं. क्योंकि कोर्ट ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि वकील पहले रजिस्ट्रार के पास याचिका दस्तावेज दाख़िल किए बिना ही मामले का ज़िक्र करने आ गए. प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया.

आपको बता दें कि बुधवार के रोज़ भी रोहित रंजन को गिर’फ़्तार करने छत्तीसगढ़ पुलि’स पहुँचीं लेकिन उनका घर बंद था. ऐसी भी ख़बरें हैं कि छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम आज ज़ी न्यूज के दफ़्तर जाएगी. मंगलवार को नोएडा पुलिस ने रोहित रंजन को गिरफ्तार करके ज़मानत पर छोड़ दिया था. इसके बाद से यूपी पुलिस पर रोहित रंजन को बचाने और ग़ायब करने के आरोप लग रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार है और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार है. कांग्रेस की ओर से लगातार ये कहा जाता रहा है कि ज़ी न्यूज़ के एंकर रोहित रंजन को भाजपा और भाजपा सरकारों का संरक्षण प्राप्त है. कांग्रेस नेता दावा कर रहे हैं कि यही वजह है कि UP पुलिस किसी भी क़ीमत पर एक आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है. इस पूरे मामले पर भाजपा नेता कोई भी बयान देने से बच रहे हैं.

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