उत्तर प्रदेश में ज़िला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर राजनीतिक दलों में संग्राम की स्थिति बन चुकी है. सपा, कांग्रेस, भाजपा समेत जनसत्ता लोकतान्त्रिक दल भी जुगत भिड़ा रहा है. राजा भैया ने प्रतापगढ़ में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से पहले 42 जिला पंचायत सदस्य साथ होने का दावा कर खलबली मचा दी है. राजा भैया का कहना था कि उनके साथ पार्टी के जिला पंचायत सदस्यों के साथ भारी संख्या में निर्दलीयों का समर्थन है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महज़ कुछ महीने बाक़ी हैं, ऐसे में हर दल अपनी साख बनाने में लगा है और अपने कार्यकर्ताओं को जुटाने में लगा है. राजा भैया के इस बयान के बाद बीजेपी ने जिला पंचायत सदस्यों के लिए सम्मान समारोह व भोज का आयोजन किया. उस आयोजन को देखकर ये कहा जा सकता था कि बीजेपी किसी भी कीमत पर प्रतापगढ़ की जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी अपने हाथ नही देना चाहती है.

जिला पंचायत चुनाव में मात्र 6 सीटों पर सिमटी बीजेपी के पंचायत सदस्यों के सम्मान समारोह व भोज में जिले के दिग्गज नेता शामिल हुए. इसमें कैबिनेट मंत्री से लेकर विधायक तक व बीजेपी सांसद सांगमलाल गुप्ता भी मौजूद रहे.

बीजेपी इस जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के समय भीतरघातियों से भी सबसे ज्यादा सावधान है. इसलिए पार्टी के गुप्तचर पल-पल का घटनाक्रम व बैठकों का विवरण बीजेपी आलाकमान तक पहुचा रहे हैं. बीजेपी भी अभी तक यही दिखाने की कोशिश कर रही है कि सब कुछ ठीक ठाक है. मीडिया को तो शहर में आयोजित जिला पंचायत सदस्यों के सम्मान सममरोह व भोज कार्यक्रम से दूर ही रखा गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार बीजेपी के खेमे में लगभग 46 जिला पंचायत सदस्यों के शामिल होने की चर्चा हो रही है.

इन सबके बीच कांग्रेस के पुराने दिग्गज नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की पैनी नजर सभी दलों की गतिविधियों के ऊपर लगी हुई है. महत्वपूर्ण ये है कि आखिरी समय मे कांग्रेस किसे अपना समर्थन देगी.

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